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मोदी को दिखाने एक दिन के लिए माटुंगा की थीम

3 वर्ष पहले
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शुक्रवार की शाम ट्रेन के क्रू मेंबर स्टेशन मास्टर एस. ललिता, लोकोपायलेट प्रतिभा बंसोड़, असिस्टेंट लोको पायलेट धनलक्ष्मी देवांगन, पाइंटमेन राजकुमारी पांडेय, और गॉर्ड नेहा कुमारी दल्लीराजहरा के लिए रवाना हुई। टीटीई राजश्री पांडेय शनिवार सुबह भानुप्रतापुर के लिए रवाना होंगी। टीम शनिवार को ट्रेन ऑपरेट करेगी।

आज जहां ट्रेन चलाने जा रही हूं वहां के खतरे को जानती हूं, लेकिन साबित करना चाहती हूं कि महिलाएं हर काम कर सकती हैं:प्रतिभा
पहली बार ट्रेन चलाई तो 41 किमी दूर से बुजुर्ग महिला आई थी देखने, इससे हौसला मिला: बंसोड़
मेरी पोस्टिंग हुई तो गुड्स ट्रेन चलाए। इसके बाद सवारी गाड़ी चलाने की बारी आई। लोक पायलट के साथ बतौर असिस्टेंट लोको पायलट लिंक एक्सप्रेस को लेकर जाती थी। बिलासपुर से 41 किमी दूर नैला की एक 60 साल की महिला उन्हें देख नहीं पाई तो वह सिर्फ मुझे देखने बिलासपुर चली आईं। इंजन से उतरी तो उसने पैर छूकर कहा कि बेटी तूने महिलाओं का नाम कर दिया। तब मैने उसके पैर छुए। उस बुजुर्ग महिला ने छत्तीसगढ़ी में कहा कि बेटी मैं ह तोला देखेबर आए हंव। तो ला छुके देखना चाहत रहेंव। तैं ह बेटी मन के नाम ल रोशन कर देस। यह क्षण मेरे लिए आज भी अविस्मरणीय है। पति एक प्राइवेट फैक्ट्री में जनरल मैनेजर हैं। दो बेटे हैं। एक 12वीं क्लास में है और दूसरा 7वीं में। पति और बच्चों का अच्छा सहयोग रहा है। उन्होंने मेरे काम के प्रति समर्पण को देखा है। बच्चे जब छोटे थे और लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होती थी।

हम हर तरह की चुनौती के लिए तैयार हैं, अच्छा लग रहा: ललिता
भानूप्रतापपुर रेलवे स्टेशन में स्टेशन मास्टर की भूमिका निभाने को तैयार एस. ललिता ने कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती है। मैं इसे स्वीकार करती हूं, अलग ही अनुभव है।

परिस्थितियों को सामना करें शक्ति को समझें: राजश्री
ट्रेन में टिकट निरीक्षक का दायित्व निभाने को तैयार राजश्री पांडेय का कहना है कि मजबूती से हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। तभी सफलता मिलेगी।

तरक्की देने वाली है यह ट्रेन
पीएम मोदी दिखाएंगे 2 बजे के बीच हरी झंडी

रेल अफसरों का कहना है कि ट्रेन दोपहर 12.30 बजे ट्रेन भानुप्रतापपुर से रवाना होगी। लेकिन बीजापुर के जांगला में होने वाले कार्यक्रम की वजह से इसमें दो से ढाई घंटे की देरी हो सकती है। इसकी वजह से ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम 2 से ढाई बजे के बीच हो सकता है।

बीएसपी के लिए जीवनदायिनी साबित होगी

सुबह 9.20 बजे रायपुर से दुर्ग, बालोद, गुदुम होते हुए ट्रेन दोपहर 1.15 बजे भानुप्रतापपुर पहुंचेगी। दस मिनट रुकने के बाद दोपहर 1.25 बजे दुर्ग के लिए रवाना होगी। दोपहर व शाम को आने व जाने वाली ट्रेन टाइमिंग में बदलाव हो जाएगा। जो 15 अप्रैल से प्रभावशील होगा। रायपुर से भानुप्रतापपुर तक चलने वाली ट्रेन टाइमिंग नहीं बदलेगी।

दुर्ग से भानुप्रतापपुर का किराया 30 रु. : दुर्ग से भानुप्रतापपुर की दूरी 117 किलोमीटर है। इसका बस में किराया 110 रुपए लगता है। ट्रेन में इसका किराया रायपुर से 35 रु., चरोदा और दुर्ग से 30 रु. व मरोदा से 25 रुपए हैं।

भास्कर सबसे पहले
19 मार्च 2018 को प्रकाशित खबर

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