अक्षय तृतीया में इस बार सर्वसिद्धी योग, खरीदारी के लिए रहेगा शुभ
अक्षय तृतीया का पर्व 18 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस बार अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धी योग बन रहा है। जो संपत्ति और नई वस्तुओं की खरीदी के लिए बेहद शुभ है। इसी दिन से वैवाहिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत होगी। इस दिन 3 शुभ संयोग बन रहे हैं। 35 साल बाद बनने वाले इस शुभ मुहूर्त को शादियों के लिए सबसे बेहतर बताया जा रहा है। खरीदारी के लिए भी ज्योतिषियों ने इसे श्रेष्ठ समय बताया है। इसी दिन भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाएगी।
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का बड़ा महत्व है। वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया जाता है। अक्षय तृतीया पर इस बार 11 साल बाद 24 घंटे का सर्वार्थ सिद्धी योग का महासंयोग बन रहा है।
सर्वार्थ योग सुबह से होगा शुरू
इस बार तृतीया भी खास है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ योग सुबह 6 बजे के बाद से लगेगा, जो रात 12.28 तक रहेगा। इसके अलावा इस दिन आयुष्मान और सिद्धि योग भी है। इसमें शादियां ही नहीं बाजार से खरीदी भी शुभ रहेगी। इसके अलावा सूर्य उच्च राशि मेष व चंद्रमा भी उच्च राशि वृष में रहेंगे। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त कहते हैं। इसलिए शुभ कार्य हाेंगे।
शनि की चाल होगी वक्री
ज्योतिषियों के मुताबिक सूर्य पुत्र शनि 18 अप्रैल को धनु राशि में रहते हुए अपनी वक्र गति से चलना शुरू कर देंगे। शनि अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती के दिन वक्री हो रहे हैं। शनि की चाल 6 सितंबर तक रहेगी। जिन राशियों के लिए शनि शुभ हैं, उनकी शुभता बढ़ेगी।
जुलाई तक शादियों के 16 मुहूर्त
माह तारीख
अप्रैल 19, 20, 26, 27, 29
मई 11, 12
जून 19, 20, 21, 22, 23, 25, 29
जुलाई 6,10
खरीदारी के लिए बाजार भी सजकर तैयार, ऑफर्स भी
अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त के चलते इस बार खरीदारी भी जमकर होगी। इसके लिए बाजार सजकर तैयार हो गया है। हर संस्थान में ग्राहकों के लिए एक से बढ़कर एक आॅफर्स भी दिए जा रहे। सराफा, इलेक्ट्रानिक्स सहित वाहनाें की खरीदी पर कई तरह छूट भी मिल रही। व्यापारियों की मानें तो इस बार विशेष संयोग के कारण बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचेंगे। सर्वार्थ सिद्धी योग काफी सालों बाद आ रहा। इसके कारण लोगों में नई वस्तुओं की खरीदी के लिए भी उत्सुकता बनी हुई है। बाजार भी सजकर तैयार है।
16 जुलाई तक होंगी शादियां
अक्षय तृतीया के मुहूर्त में शादियां तो शुरू हो जाएंगी, लेकिन इस बार श्रेष्ठ मुहूर्त कम हैं। शादियों के लिए समय कम मिलेगा। 16 जुलाई को अंतिम मुहूर्त है। इसके बाद देवशयनी एकादशी लग जाएगी। इस साल नवंबर और दिसंबर में भी शादियां नहीं होंगी। इस वर्ष शादियों के लिए ज्यादा मुहूर्त नहीं।
मां लक्ष्मी की पूजा के बाद दान करने का विशेष महत्व
अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की सेवा करने से धन-धान्य की कमी नहीं रहती। तुलसी के पौधे पर नियमित रूप से दीपक लगाने और पूजन से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। वहीं इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। दान जरूर करना चाहिए। भले ही आपके पास अधिक धन न हो, तो भी अपनी क्षमता के अनुसार दान करें। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान करने से दान करने वाले व्यक्ति का आने वाला समय अच्छा होता है। दुख दूर होते हैं।