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गेट-टू-गेदर में झूमे टीचर्स, गाए बॉलीवुड और छत्तीसगढ़ी गीत, कहा- एकता में है बड़ी ताकत

3 वर्ष पहले
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शिक्षकों को रिफ्रेश करने के लिए गेट टू गेदर का स्वरूपानंद कॉलेज हुडको ने आयोजित किया। जहां कॉलेज फैकल्टी ने डांस किया। बॉलीवुड से लेकर छत्तीसगढ़ी गाने गए। अपना एक्सपीरियंस शेयर किया और मोटिवेशनल लैक्चर का प्रोग्राम भी हुआ। जिसमें टीचर्स को मोटिवेट किया गया। इसमें बतौर चीफ गेस्ट कॉलेज के सीओओ डॉ. दीपक शर्मा और स्पेशल गेस्ट के रूप में शंकराचार्य नर्सिंग कॉलेज की सीओओ डॉ. मोनिशा शर्मा उपस्थित थीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत छत्तीसगढ़ी गीत मोर संग चलव रे मोर संग चलव रे से हुआ। जिसे अपनी आवाज प्रोफेसर दीपक सिंह ने दी।

लगातार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच कॉलेज फैकल्टी झूमते रहे। हवा-हवाई नृत्य पर प्रोफेसर साक्षी मिश्रा और गरिमा मढ़रिया ने शानदार प्रस्तुति दी। राशि, पूजा, गरिमा व श्रुति शर्मा ने भी प्रस्तुति दी।

श्रीस्वरूपानंद कॉलेज हुडको में फैकल्टीज के लिए कई एक्टिविटी हुई। सभी ने एक्सपीरियंश भी शेयर किया।

इवेंट में चीट निकालकर गाए गाने बटोरी तालियां, पुरस्कार भी दिए

कॉमर्स और मैनेजमेंट विभाग ने सभी को एक गेम खिलाया, जिसमें चीट निकालकर शिक्षकों ने गीत गाए। कॉलेज के सभागार में लगातार गीतों की प्रस्तुति देर शाम तक चलती रही। संगीत का लुत्फ उठाते हुए टीचर्स ने खूब तालियां बटोरी। इस दौरान बीएड विभाग ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें श्री से बनने वाले प्रश्न शामिल थे। जैसे मजदूर क्या करता है, उत्तर देते हुए कहा गया कि श्रम।

शिक्षक का प्रोफेशन गंभीरता से भरा होता है, ऐसे आयोजन से होते हैं रिफ्रेश

शंकराचार्य नर्सिंग कॉलेज की सीओओ डॉ. मोनिशा शर्मा ने कहा कि शिक्षक का प्रोफेशन गंभीरता से भरा होता है। इस तरह के कार्यक्रम से टीचर्स गंभीरता से हटकर मनोरंजन का आनंद लेते है। हर शिक्षक की यही इच्छा होती है कि स्टूडेंट ये कहे कि कॉलेज में पढ़ाई बहुत अच्छी होती है। टीचर यही चाहता है कि पहचान बेस्ट टीचर के रूप में हो। ऐसे कार्यक्रम से कॉलेज का वातावरण भी अच्छा बना रहता है।

हर टीचर के पास रहता है टैलेंट दिखाने का मौका

कॉलेज की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि साल भर शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक गतिविधियां चलती रहती है। इस तरह के कार्यक्रम से टीचर्स के पास मौका होता है कि वे अपनी प्रतिभा को सबके सामने ला सकते है। टीचर्स के साथ ही स्टूडेंट्स के लिए भी इस तरह के आयोजन ने उनमें स्फूर्ति आती है।

जो जीवन में सीखा, उसे मैंने सभी स्टूडेंट्स को सिखाया

कार्यक्रम में अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए डॉ. अलका मिश्रा ने कहा कि यहां से बहुत कुछ सीखने को मिला। किसी भी काम को पूरी लगन से किया जाए तो वो असंभव नहीं रहता। वहीं रिंसी मैथ्यू ने कहा कि उन्होंने जीवन में जो कुछ भी सिखा वो स्टूडेंट्स को भी सिखाया। इस दौरान योगेश देशमुख सहित अन्य टीचर्स ने भी अपने एक्सपीरियंस शेयर किए। सभी ने एक-दूसरे को मोटिवेट भी किया।

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