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जमा धन दोगुना करने के साथ प्लॉट देने का झांसा अब तक 1 करोड़ 70 लाख रुपए की ठगी सामने आई

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

भोलेभाले ग्रामीणों को उनकी राशि दोगुनी करके देने के साथ प्लॉट भी देने का झांसा देकर ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने चिटफंड कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में ही इनके द्वारा लोगों से 1.70 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आ गई है। पूरी जांच में यह आंकड़ा और बढ़ेगा।

कोतवाली सीआई ओमप्रकाश सोलंकी ने बताया कि शंभूपुरा क्षेत्र के ठिकरिया निवासी लक्ष्मणलाल डांगी पुत्र कालूराम ने न्यायालय के माध्यम से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार बीआरडी रियल एस्टेट लिमिटेड नामक कंपनी का मुख्यालय भीलवाड़ा में है। इसके डायरेक्टर धनसिंह कानावत, पहुंना निवासी सुनीलकुमार अजमेरा, वनीता देवी, भावना डाड, देवेंद्रसिंह राठौड़, राकेश जैन तथा चित्तौड़गढ़ शाखा प्रबंधक चित्तौड़ीखेड़ा निवासी प्रकाश कुमावत ने यहां शहर में भी कंपनी का कार्यालय खोलकर लोगों से धन जमा किया। स्कीम की परिपक्वता पर भुगतान नहीं किया और शाखाएं बंद कर फरार हो गए। अकेले उसके द्वारा 2.94 लाख रुपए जमा कराए गए। ऐसे कई और निवेशकों के भी लाखों रुपए डूब गए। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी प्रसन्नकुमार खमेसरा के निर्देश पर एएसआई गोपाललाल, कांस्टेबल कन्हैयालाल, जंगबहादुर सिंह की टीम गठित की गई। देवेंद्र राठौड़, धनसिंह कानावत व राकेश जैन को गुजरात के मोरवी व भीलवाड़ा से तलाश कर लाया गया। जांच के बाद भीलवाड़ा के गुर्जर मोहल्ला जगपुरा निवासी धनसिंह कानावत व चंद्रशेखर आजादनगर निवासी राकेश जैन को गिरफ्तार कर लिया। देवेंद्रसिंह की भूमिका की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत का आवेदन भी किया था। उच्च न्यायालय ने आरोपियों को 29 जनवरी 2018 तक कोर्ट में उपस्थित होने को कहा पर आरोपी उपस्थित नहीं हुए थे।

भूखंड के लालच में ज्यादा फंसे ग्रामीण, 3 से 6 वर्ष की योजना में निवेश राशि का दोगुना देने का दावा

एजेंट व कर्मचारियों को भी बोनस और कमीशन... सीआई सोलंकी के अनुसार भोलेभाले ग्रामीणों से कहा जाता था कि परिपक्वता पर डबल राशि मिलेगी। इधर, कंपनी की देनदारी बढ़ती रही। क्योंकि एजेंट को एक रुपए में 40 पैसे बोनस कमीशन दिया जाता। इसके अलावा मार्केटिंग, आफिस व सेलेरी पर राशि खर्च हो जाती। जो नकद रुपए जमा होता, वह भीलवाड़ा कार्यालय मंगवा लिया जाता था। जो भी भुगतान करते, वह नकद करते। एरिया मैनेजर को दो प्रतिशत बोनस अलग से अच्छा बिजनेस लाने पर मिलता।

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

भोलेभाले ग्रामीणों को उनकी राशि दोगुनी करके देने के साथ प्लॉट भी देने का झांसा देकर ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने चिटफंड कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में ही इनके द्वारा लोगों से 1.70 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आ गई है। पूरी जांच में यह आंकड़ा और बढ़ेगा।

कोतवाली सीआई ओमप्रकाश सोलंकी ने बताया कि शंभूपुरा क्षेत्र के ठिकरिया निवासी लक्ष्मणलाल डांगी पुत्र कालूराम ने न्यायालय के माध्यम से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार बीआरडी रियल एस्टेट लिमिटेड नामक कंपनी का मुख्यालय भीलवाड़ा में है। इसके डायरेक्टर धनसिंह कानावत, पहुंना निवासी सुनीलकुमार अजमेरा, वनीता देवी, भावना डाड, देवेंद्रसिंह राठौड़, राकेश जैन तथा चित्तौड़गढ़ शाखा प्रबंधक चित्तौड़ीखेड़ा निवासी प्रकाश कुमावत ने यहां शहर में भी कंपनी का कार्यालय खोलकर लोगों से धन जमा किया। स्कीम की परिपक्वता पर भुगतान नहीं किया और शाखाएं बंद कर फरार हो गए। अकेले उसके द्वारा 2.94 लाख रुपए जमा कराए गए। ऐसे कई और निवेशकों के भी लाखों रुपए डूब गए। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी प्रसन्नकुमार खमेसरा के निर्देश पर एएसआई गोपाललाल, कांस्टेबल कन्हैयालाल, जंगबहादुर सिंह की टीम गठित की गई। देवेंद्र राठौड़, धनसिंह कानावत व राकेश जैन को गुजरात के मोरवी व भीलवाड़ा से तलाश कर लाया गया। जांच के बाद भीलवाड़ा के गुर्जर मोहल्ला जगपुरा निवासी धनसिंह कानावत व चंद्रशेखर आजादनगर निवासी राकेश जैन को गिरफ्तार कर लिया। देवेंद्रसिंह की भूमिका की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत का आवेदन भी किया था। उच्च न्यायालय ने आरोपियों को 29 जनवरी 2018 तक कोर्ट में उपस्थित होने को कहा पर आरोपी उपस्थित नहीं हुए थे।

कंपनी ने जिले में अन्य जगह भी शाखाएं खोली थी। जहां भी विभिन्न स्कीमों में कई लोगों से निवेश कराया गया। तीन से छह वर्ष की जमा योजनाओं में निवेशकों को राशि दोगुनी कर लौटाने के साथ शहर में एक प्लाट तक देने की बात कही गई। इसी कारण भोले भाले ग्रामीण फंस गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही एक करोड़ 70 लाख रुपए का लेनदेन सामने आ चुका है। जबकि ठगी के शिकार कई लोगों का पुलिस के पास पहुंचने का क्रम अभी जारी है। इनमें जिले के होड़ा, बड़ीसादड़ी, निंबाहेड़ा,राशमी क्षेत्र के लोग शामिल है। ऐसे 50-60 पीड़ित होने के बात सामने आई है।

दूसरे से ली यह कंपनी, फिर बनाते रहे डायरेक्टर... सीआई ओमप्रकाश सोलंकी ने बताया कि बीआरडी रियल एस्टेट कंपनी पहले किसी भैरूलाल सेन सहित अन्य लोगों ने खोली थी। इसके बाद इसे इन लोगों ने ले लिया। कई लोगों को डायरेक्टर बनाने का कार्य शुरू कर दिया। कंपनी का प्रधान कार्यालय भीलवाड़ा में था। शाखाएं चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा, राशमी, ब्यावर, भीम में खोली थी।

फेसबुक पर फोटो अपलोड होने से मिली लोकेशन... पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी। इनके द्वारा मोबाइल बंद कर देने से पुलिस नए मोबाइल नंबर ढूंढने लगी। इस बीच एक आरोपी के रिश्तेदार ने आरोपी के साथ बर्थ डे पार्टी का फोटो फेसबुक पर अपलोड कर दिया। पुलिस को भनक लगने पर मेल आईडी व मोबाइल से लोकेशन पता की, जो गुजरात में थी। राकेश भूमिगत था तो धनसिंह दो दिन पूर्व ही गुजरात से भीलवाड़ा आया था। अपने संपर्क में आए एक निवेशक को धनसिंह यह कहता रहा कि वह कैंसर से पीड़ित होकर अस्पताल में भर्ती है।

साले को डायरेक्टर बना दिया पर उसे मालूम ही नहीं... सीआई सोलंकी ने बताया कि कंपनी को चलाने के लिए पांच मैंबर चाहिए। इसलिए राकेश जैन ने अपनी प|ी व धनसिंह ने गुजरात में रहने वाले अपने साले देवेंद्रसिंह को डायरेक्टर बना दिया। जबकि देवेंद्रसिंह को ही इस बारे में पता ही नहीं था। संभवतया उसके पैन कार्ड कापी का मिसयूज कर दिया। कंपनी खोलने के लिए सेबी या रिजर्व बैंक से अनुमति भी नहीं ली गई।

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