बंदी महिलाओं को विधिक सहायता उपलब्ध कराने, रिहाई के बाद पुनर्वास आदि सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
गुरुवार को विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रकाशचंद्र पगारिया के नेतृत्व में जिला कारागृह में शिक्षा, चिकित्सा, कारागृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने जेल का निरीक्षण कर बंदी महिलाओं के बारे में जानकारी ली।
प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव डॉ. मोहित शर्मा ने बताया कि जिला कारागृह में 8 महिला बंदी हैं। इनकी उम्र, अपराध की प्रकृति व साथ रहने वाले बच्चे आदि बिंदुओं पर जानकारी ली गई। इनके स्वास्थ्य एवं मनोचिकित्सकीय जांच के लिए शिविर लगाया। चिकित्सा टीम में डॉ. वीरभान चंचलानी, डाॅ. फरजाना सिद्दीकी, डाॅ. वीके चौहान, आसींद की बाल विकास परियोजना अधिकारी शकुंतला कांकड़े, कार्यवाहक उपाधीक्षक भंवरलाल हाड़ा, अति. जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.) अशोक पारीक सहित स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधि मौजूद थीं।
विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम जिला जेल में निरीक्षण करते हुए।
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा
बंदी महिलाओं को विधिक सहायता उपलब्ध कराने, रिहाई के बाद पुनर्वास आदि सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
गुरुवार को विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रकाशचंद्र पगारिया के नेतृत्व में जिला कारागृह में शिक्षा, चिकित्सा, कारागृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने जेल का निरीक्षण कर बंदी महिलाओं के बारे में जानकारी ली।
प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव डॉ. मोहित शर्मा ने बताया कि जिला कारागृह में 8 महिला बंदी हैं। इनकी उम्र, अपराध की प्रकृति व साथ रहने वाले बच्चे आदि बिंदुओं पर जानकारी ली गई। इनके स्वास्थ्य एवं मनोचिकित्सकीय जांच के लिए शिविर लगाया। चिकित्सा टीम में डॉ. वीरभान चंचलानी, डाॅ. फरजाना सिद्दीकी, डाॅ. वीके चौहान, आसींद की बाल विकास परियोजना अधिकारी शकुंतला कांकड़े, कार्यवाहक उपाधीक्षक भंवरलाल हाड़ा, अति. जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.) अशोक पारीक सहित स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधि मौजूद थीं।