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प्रधानाध्यापकों के 1200 पद, 5 साल का अनुभव जरूरी

3 वर्ष पहले
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शिक्षा क्षेत्र में काफी पदों के लिए भर्तियां निकली हैं। सिर्फ इन्हें देखकर नौकरी का सपने संजो रखा है तो इससे ज्यादा कुछ होने वाला नहीं है। भर्ती विशेष देखकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थी सफल नहीं होते हैं।

बल्कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन और लगातार मेहनत जरूरी है। इसलिए जरूरी है कि पहले लक्ष्य तय करें। फिर उसे प्राप्त करने के लिए रणनीति बनाएं। इस रणनीति के तहत सिलेबस से लेकर अध्ययन के तरीके तक को शामिल करना चाहिए। तब सफलता मिलती है। यह कहना है कि ‘रमसा’ के एडीपीसी योगेश पारीक का। गुरुवार को भास्कर संवाद में उन्होंने प्रतियोगियों के सवालों पर कहा कि शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की काफी संभावना है लेकिन इसके लिए पहले से पढ़ना होगा। अधिकतर कोचिंग संस्थान भर्ती की विज्ञप्ति निकलने पर नए बैच शुरू कर देते हैं। अभ्यर्थी भी तुरंत हजारों रुपए देकर तीन-चार महीने की कोचिंग करने लगते है। कोचिंग संस्थान सफलता का मूलमंत्र नहीं है। पुराने सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों व अन्य काउंसलर की मदद लेकर भी तैयारी कर सकते हैं।

सवाल-बीकॉम के बाद बीएसटीसी करें या बीएड

निकिता सिंह, भीलवाड़ा

 लेवल सैकंड के लिए क्या योग्यता होना जरूरी है?

 स्नातक के साथ बीएड होना जरूरी है। लेवल फ़र्स्ट के लिए 12वीं और बीएसटीसी जरूरी है।

देवराज गुर्जर, गांगीथला

 शिक्षक भर्ती में सामाजिक विज्ञान और हिंदी में से क्या विषय चयन करूं?

 सामाजिक विज्ञान की अपेक्षा हिंदी में अधिक अवसर हैं। इनमें अधिक पदों के लिए भर्ती होती है।

चंद्रप्रकाश शर्मा, भीलवाड़ा

 बीकॉम के बाद बीएड किया है। फिर एमए हिंदी किया है। तो क्या अब फ़र्स्ट ग्रेड टीचर के लिए आवेदन कर सकता हूं?

 बिल्कुल।

दीपक लुहार, बिजौलिया

 12वीं में 87 प्रतिशत अंक आए हैं। बीएसटीसी करना चाहिए या स्नातक के बाद बीएड?

 अभी बीएसटीसी करते हैं तो जल्द नौकरी मिलने की संभावना है। अगर बीएड करना चाहेंगे तो कम से कम 4 साल इंतजार करना होगा। बीएसटीसी के बाद भी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यह आपको तय करना है कि प्राथमिकता क्या है।

भैरू सिंह रावत, नारेली

 एमए, बीएड किया है। मेरे लिए अब क्या अवसर हैं?

 स्कूल टीचर बनने के साथ ही कॉलेज लेक्चरर के लिए संभावना है। इसके लिए आप नेट क्वालिफाई करके कॉलेज व्याख्याता भर्ती में आवेदन कर सकते हो। आरपीएससी और यूपीएससी की प्रतियोगी परीक्षाएं दे सकते हैं।

जय मीणा, पुलिसलाइन

 बीपीएड कर रखा है। किसी अन्य भर्ती के लिए कोचिंग कर रखी है। क्या शारीरिक शिक्षक भर्ती के लिए भी कोचिंग जाना चाहिए?

 कोचिंग क्लासेज सफलता का मंत्र नहीं है। वहां सिर्फ पढ़ने का तरीका बताते हैं। यह पहले सफल रहे विद्यार्थी, शिक्षक व अन्य काउंसलर से पूछ सकते हैं। आखिर में पढ़ना आपको ही है। ऐसे में टेक्स्ट बुक का इस्तेमाल करते हुए अपने नोट्स बनाएं। नियमित अध्ययन करें।

प्रीति वैष्णव, सोनिया खटीक, भीलवाड़ा

 शिक्षा क्षेत्र में अभी कौनसी भर्तियां और कितने पद निकले हैं?

 शारीरिक शिक्षक भर्ती में 4500, स्कूल लेक्चरर के 5000, वरिष्ठ अध्यापक (टीएसपी) 838, नॉन टीएसपी 8162, हैडमास्टर के लिए 1200 पदों पर भर्ती निकली है। हैडमास्टर के लिए 5 साल का न्यूनतम अनुभव अपेक्षित है।

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

शिक्षा क्षेत्र में काफी पदों के लिए भर्तियां निकली हैं। सिर्फ इन्हें देखकर नौकरी का सपने संजो रखा है तो इससे ज्यादा कुछ होने वाला नहीं है। भर्ती विशेष देखकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थी सफल नहीं होते हैं।

बल्कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन और लगातार मेहनत जरूरी है। इसलिए जरूरी है कि पहले लक्ष्य तय करें। फिर उसे प्राप्त करने के लिए रणनीति बनाएं। इस रणनीति के तहत सिलेबस से लेकर अध्ययन के तरीके तक को शामिल करना चाहिए। तब सफलता मिलती है। यह कहना है कि ‘रमसा’ के एडीपीसी योगेश पारीक का। गुरुवार को भास्कर संवाद में उन्होंने प्रतियोगियों के सवालों पर कहा कि शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की काफी संभावना है लेकिन इसके लिए पहले से पढ़ना होगा। अधिकतर कोचिंग संस्थान भर्ती की विज्ञप्ति निकलने पर नए बैच शुरू कर देते हैं। अभ्यर्थी भी तुरंत हजारों रुपए देकर तीन-चार महीने की कोचिंग करने लगते है। कोचिंग संस्थान सफलता का मूलमंत्र नहीं है। पुराने सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों व अन्य काउंसलर की मदद लेकर भी तैयारी कर सकते हैं।

जवाब : आपके पास दोनाें विकल्प हैं

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