सेवाकर बकाया पर 1500 खनन व्यवसायियों को नोटिस दिया
भीलवाड़ा | केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने 1500 व्यवसायियों को सेवाकर चुकाने को लेकर नोटिस जारी किए हैं। ये सभी व्यवसायी खनन से जुड़े हैं। प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग की एवज में निजी व्यक्ति, संस्थाओं व अन्य पर एक अप्रैल, 2016 से सेवाकर लागू किया गया। मामले में सेवा प्रदाता राज्य सरकार है एवं सरकार से दी गई सेवाओं पर सेवाकर जमा कराने का दायित्व सेवा प्राप्तकर्ता फर्म, कंपनी या संस्थान का है। विभाग के अधीक्षक एनके गुप्ता ने बताया कि 1500 खनन व्यापारियों ने दो साल से सेवाकर नहीं चुकाया। इन्हें 31 मई 2016 तक 14.50 प्रतिशत से तथा 1 जून 2016 से 30 जून 2017 तक 15 प्रतिशत की दर से सेवाकर देना होगा।
जीएसटी से पहले देना होगा सेवाकर... सेवा प्रदाताओं काे जीएसटी से पहले का सेवाकर भी चुकाना होगा। गुप्ता ने बताया कि यदि सेवा प्रदाता मान रहे हैं कि अब जीएसटी लागू हो गया है तो सेवाकर नहीं चुकाना होगा। वास्तव में ऐसा नहीं है। जिस दिन से (1 जुलाई, 2017) से जीएसटी लागू हुआ उससे पहले का सेवाकर सेवाप्रदाताओं को देना होगा।