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संपत्ति नहीं बतानेे पर एडीएम (सिटी) कविया का प्रमोशन रोका कलेक्टर-एसपी का ब्यौरा ही नहीं, गुगरवाल व खराड़ी करोड़पति

3 वर्ष पहले
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संपत्ति का ऑनलाइन ब्यौरा न देना प्रदेश के राजस्थान प्रशासनिक सेवा के चार अफसरों पर भारी पड़ा है। जिन अफसरों का प्रमोशन संपत्ति का विवरण नहीं देने पर रोका गया है, इनमें भीलवाड़ा के एडीएम (सिटी) राजेंद्र सिंह कविया भी शामिल हैं। कविया ने कािर्मक विभाग की वेबसाइट पर संपत्ति की जानकारी नहीं दी। इस पर उनका प्रमोशन रोका गया। वेबसाइट पर मंगलवार तक भीलवाड़ा के कलेक्टर-एसपी के ब्यौरे भी उपलब्ध नहीं थे।

जिले में तैनात राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसरों की ओर से वर्ष 2018 में पेश किए अपनी संपत्ति रिकॉर्ड के अनुसार पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के उप महानिरीक्षक महावीर खराड़ी और एडीएम (प्रशासन) लालाराम गुगरवाल करोड़पति हैं। कार्मिक विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले के अब तक 13 आरएएस अफसरों ने अपनी संपत्ति की जानकारी दी है। इनमें खराड़ी व गुगरवाल को छोड़कर बाकी अधिकारी लखपति हैं। पेश किए गए विवरण से एक ट्रेंड पता चलता है कि सभी अफसरों की जयपुर में स्थाई संपत्ति खरीदने में रुचि है। तीन आरएएस अफसर ऐसे भी हैं जिन्होंने संपत्ति शून्य बताई है।

जिले के 13 आरएएस अफसरों ने पेश किया संपत्ति का ब्यौरा, 11लखपति, 2 करोड़पति

ऑडिट अफसरों की... जयपुर में मकान या भूखंड के शौकीन, 11 लखपति और 3 के पास कुछ भी नहीं

लालाराम गुगरवाल, एडीएम (प्रशासन)

जयपुर के चतरपुरा गांव में 5.39 लाख का आवासीय भूखंड। असरपुरा गांव के नारायण विहार में 22.30 लाख का कॉमर्शियल प्लॉट और आवासीय मकान की कीमत Rs.59.18 लाख है। मकान के लिए एसबीआई से 20 लाख का लोन लिया और पीपीएफ से 1.50 लाख और जीपीएफ से ‌Rs.5.58 लाख निकाले। अजमेर के घूघरा गांव में 503000 रुपए का भूखंड। इसके लिए राज्य बीमा से लोन लिया और जीपीएफ से राशि निकाली। नागौर जिले के जलवाना गांव में पैतृक संपत्ति के रूप में आवासीय मकान की कीमत 3.63 लाख व आवासीय भूखंड है जिसकी कीमत Rs.1.87 लाख है। जलवाना गांव में Rs.4.93 लाख की पैतृक कृषि भूमि है। इससे सालना 2.70 लाख आय है।

4.93 लाख की पैतृक कृषि भूमि से सालाना 2.70 लाख की आय

Rs.

रतनलाल रेगर, बनेड़ा एसडीएम

राजसमंद में बेटे के नाम 12 लाख का प्लॉट तो प|ी के नाम 9.75 लाख की कृषि भूमि... राजसमंद जिले के गिलूंद में 12 लाख का आवासीय भूखंड बेटे के नाम है। गिलूंद में ही 9.75 लाख रुपए की कृषि भूमि प|ी के नाम है। कृषि भूमि से सालाना 75 हजार रुपए आय होती है।

अजमेर में लाेन से 22 लाख की आवासीय बिल्डिंग खरीदी, सालाना 1,78,200 आय

प्रवीण कुमार, बिजौलिया एसडीएम

अजमेर जिले के घूघरा गांव में लोन लेकर 22 लाख रुपए में आवासीय बिल्डिंग खरीदी। इससे सालाना 1,78,200 रुपए आय। जयपुर जिले के रेनवाल गांव में आवासीय भूखंड लोन लेकर 8.50 लाख रुपए में खरीदा। नागौर जिले के जलवाना गांव में स्थित आवासीय भूखंड की कीमत 2.20 लाख रुपए है। 1.75 लाख का आवासीय भूखंड, 16 लाख का आवासीय मकान और 6.52 लाख रुपए की कृषि भूमि विरासत में मिली। कृषि भूमि से सालाना 3.50 लाख रुपए आय है।

राजलक्ष्मी गहलोत, गंगापुर एसडीएम

रहने के लिए मकान नहीं, उदयपुर में लोन लेकर दो प्लॉट खरीदे... उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-14 में लोन लेकर 18 लाख में आवासीय भूखंड खरीदा। उदयपुर में ही लोन लेकर एक और 21 लाख का आवासीय भूखंड खरीदा। इनके रिटर्न के अनुसार गहलोत के पास रहने के लिए मकान नहीं है।

नारायण विहार में लोन लेकर खरीदा 59.18 लाख रुपए कीमत का मकान

गोपाल सिंह, मांडलगढ़ एसडीएम

अलवर में 12 लाख की कृषि भूमि, इससे हर साल 1.25 लाख की आय... अलवर जिले के ज्ञानपुर गांव में आवासीय मकान है जो पिता की ज्वाइंट ऑनरशिप में है। इसकी कीमत 20 लाख रुपए है। अलवर जिले के नारायणपुर गांव में 12 लाख की कृषि भूमि है। इससे सालाना 1.25 लाख की आय होती है।

सुनीता यादव, ट्रेनी आरएएस

जयपुर में नारायण विहार में आवासीय भूखंड है। यह भूखंड उन्होंने परिवार के आर्थिक सहयोग से खरीदा और इसकी कीमत 2.50 लाख रुपए है।

परिवार के सहयोग से 2.5 लाख की कीमत का प्लॉट जयपुर में खरीद पाई

इन तीन अफसरों के पास कुछ भी नहीं... कार्मिक विभाग को पेश किए संपत्ति के ब्यौरे के अनुसार शाहपुरा एसडीएम खेमाराम यादव, आसींद एसडीएम दिनेशचंद्र धाकड़ व करेड़ा एसडीएम रजनी माघीवाल के पास कोई संपत्ति नहीं है। ये अधिकारी अपनी तनख्वाह के सहारे ही हैं।

इन अफसरों का ब्यौरा वेबसाइट पर नहीं... कलेक्टर शुचि त्यागी, एसपी प्रदीपमोहन शर्मा सहित हमीरगढ़, फूलियाकलां, जहाजपुर, रायपुर, बदनौर व कोटड़ी एसडीएम का संपत्ति का ब्यौरा मंगलवार तक विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं था।

इन 4 अफसरों का प्रमोशन रोका... भीलवाड़ा के एडीएम (सिटी) राजेंद्र सिंह कविया और राजेश कुमार चौहान का प्रमोशन सुपर टाइम में तथा ह्नदेश कुमार शर्मा और सोहन लाल शर्मा का प्रमोशन हायर सुपर टाइम में होना था। कार्मिक विभाग की ओर से सभी विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि जिस अफसर की ओर से आनॅलाइन संपत्ति की सूचना न दी जाए उसका प्रमोशन हर हाल में रोक दिया जाए।

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