पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पुरुषोत्तम मास आज से, तीज त्योहार 18 दिन देर से आएंगे

पुरुषोत्तम मास आज से, तीज-त्योहार 18 दिन देर से आएंगे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ज्येष्ठ पुरुषोत्तममास बुधवार को शुरू हो रहा है। अधिकमास होने से ज्येष्ठ के बाद के तमाम तीज-त्योहार पिछले वर्ष के मुकाबले 18-19 दिन देर से आएंगे।

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. सीताराम त्रिपाठी के अनुसार ज्येष्ठ में अधिक मास 1981 व 1999 में था। अब 2037 व 2056 में ज्येष्ठ अधिक मास रहेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार 32 मास 16 दिन 4 घड़ी बीतने पर एक अधिक मास बनता है। सौर वर्ष की अपेक्षा चंद्र वर्ष में 11 दिन कम होते हैं। सौर तीन वर्षों तक तिथि क्षय होती है। जिससे तीसरे वर्ष एक माह हो जाता है। इसलिए हर तीसरे वर्ष अधिक मास होता है। इस मास में सूर्य संक्रांति नहीं होती। जिस चंद्रमास में दो संक्रांतियों का संक्रमण होता है उसे क्षयमास कहते हैं। सभी 12 माह का नाम है अधिक मास का कोई नाम नहीं। इसलिए भगवान विष्णु ने पुरषोतम मास का नाम दिया है। इस मास में भी शुभ कार्यों को वर्जित है किंतु तीर्थाटन, गंगा स्नान, चारधाम यात्रा का फल करोड़ों गुना बताया गया है।

ज्योतिष-पंचांग

19 साल बाद आ रहा ज्येष्ठ अधिकमास, इसके बाद ऐसा संयोग वापस 19 साल बाद 2037 में बनेगा

पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष कौनसा त्योहार-पर्व कब

त्योहार 2017 2018

भड़ल्ली नवमी 2 जुलाई 21 जुलाई

देवशयन 4 जुलाई 23 जुलाई

गु्रु पूर्णिमा 9 जुलाई 27 जुलाई

श्रावण मास 10 जुलाई 28 जुलाई

नागपंचमी 27 जुलाई 15 अगस्त

रक्षाबंधन 7 अगस्त 26 अगस्त

जन्माष्टमी 15 अगस्त 3 सितंबर

गणेश चतुर्थी 25 अगस्त 13 सितंबर

त्योहार 2017 2018

अनंत चतुर्दशी 5 सितंबर 23 सितंबर

श्राद्धपक्ष 6 सितंबर 25 सितंबर

नवरात्रि 21 सितंबर 10 अक्टूबर

दशहरा 30 सितंबर 19 अक्टूबर

शरद पूर्णिमा 4 अक्टूबर 23 अक्टूबर

करवा चौथ 8 अक्टूबर 27 अक्टूबर

धनतेरस 17 अक्टूबर 5 नवंबर

दीपावली 19 अक्टूबर 7 नवंबर

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

ज्येष्ठ पुरुषोत्तममास बुधवार को शुरू हो रहा है। अधिकमास होने से ज्येष्ठ के बाद के तमाम तीज-त्योहार पिछले वर्ष के मुकाबले 18-19 दिन देर से आएंगे।

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. सीताराम त्रिपाठी के अनुसार ज्येष्ठ में अधिक मास 1981 व 1999 में था। अब 2037 व 2056 में ज्येष्ठ अधिक मास रहेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार 32 मास 16 दिन 4 घड़ी बीतने पर एक अधिक मास बनता है। सौर वर्ष की अपेक्षा चंद्र वर्ष में 11 दिन कम होते हैं। सौर तीन वर्षों तक तिथि क्षय होती है। जिससे तीसरे वर्ष एक माह हो जाता है। इसलिए हर तीसरे वर्ष अधिक मास होता है। इस मास में सूर्य संक्रांति नहीं होती। जिस चंद्रमास में दो संक्रांतियों का संक्रमण होता है उसे क्षयमास कहते हैं। सभी 12 माह का नाम है अधिक मास का कोई नाम नहीं। इसलिए भगवान विष्णु ने पुरषोतम मास का नाम दिया है। इस मास में भी शुभ कार्यों को वर्जित है किंतु तीर्थाटन, गंगा स्नान, चारधाम यात्रा का फल करोड़ों गुना बताया गया है।

शहर में ये होंगे आयोजन

रामधान में वृंदावन के कलाकार भगवान श्री कृष्ण की बाल रासलीला प्रस्तुत करेंगे। प्रतिदिन सुबह रुद्राभिषेक होगा।

हरिशेवा आश्रम सनातन मंदिर में शाम 4 से 6:30 बजे तक पुष्कर के स्वामी मनोहरानंद सरस्वती कथा करेंगे।

बाल हनुमान मंदिर बापूनगर में रामकथा 24 मई तक। पहले दिन सुबह 8:15 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी।

श्याम भजन मंडल की ओर से पूर्व संध्या पर मंगलवार को भजन किए। धानमंडी स्थित बद्रीनाथ मंदिर में संजय पाराशर, ओमप्रकाश भदादा, अरविंद शर्मा, गोविंद सोनी, आराधना व्यास ने कृष्ण प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी।

खबरें और भी हैं...