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आयुक्त के खिलाफ सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, बकाया भुगतान व वेतन-भत्तों के लिए धरना

3 वर्ष पहले
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नगर परिषद आयुक्त के खिलाफ सेवानिवृत और सेवारत कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। सुबह दस बजे से लंच तक कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया और गेट मीटिंग कर धरना दिया। इस कारण, लंच तक लोगों के काम नहीं हुए।

दरअसल, इस प्रदर्शन की योजना एक दिन पहले आयुक्त के रवैये की वजह से बनी। सेवानिवृत कर्मचारियों का कहना हैं कि रिटायर्ड राजस्व अधिकारी सत्यनारायण पारीक के लिए हाईकोर्ट से जनवरी में बकाया भुगतान देने का आदेश हुआ। लेकिन अप्रैल तक भुगतान नहीं हुआ। इसको लेकर कुछ सेवानिवृत कर्मचारी गुरुवार को परिषद पहुंचे। आयुक्त से मिलने की मांग की,लेकिन उन्होंने मिलने की बजाय कहला दिया कि वे परिषद में नहीं है। बाद में कर्मचारियों को पता लगा कि वे पिछले दरवाजे से निकल गए है। ऐसे में सेवानिवृत कर्मचारी गुस्सा गए। शुक्रवार सुबह वे सभी आए और आयुक्त से मिलने का इंतजार करने लगे। आयुक्त ने पहले एक घंटे में मिलने का आश्वासन दिया फिर फोन स्विच ऑफ कर लिया। ऐसे में गुस्साए सेवानिवृत कर्मचारियों ने सेवारत कर्मचारियों से कार्य का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया और पार्क में प्रदर्शन करने लगे।

सभापति ने कलेक्टर से बात की, तब शांत हुए कर्मचारी लंच के बाद काम पर लौटे
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

नगर परिषद आयुक्त के खिलाफ सेवानिवृत और सेवारत कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। सुबह दस बजे से लंच तक कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया और गेट मीटिंग कर धरना दिया। इस कारण, लंच तक लोगों के काम नहीं हुए।

दरअसल, इस प्रदर्शन की योजना एक दिन पहले आयुक्त के रवैये की वजह से बनी। सेवानिवृत कर्मचारियों का कहना हैं कि रिटायर्ड राजस्व अधिकारी सत्यनारायण पारीक के लिए हाईकोर्ट से जनवरी में बकाया भुगतान देने का आदेश हुआ। लेकिन अप्रैल तक भुगतान नहीं हुआ। इसको लेकर कुछ सेवानिवृत कर्मचारी गुरुवार को परिषद पहुंचे। आयुक्त से मिलने की मांग की,लेकिन उन्होंने मिलने की बजाय कहला दिया कि वे परिषद में नहीं है। बाद में कर्मचारियों को पता लगा कि वे पिछले दरवाजे से निकल गए है। ऐसे में सेवानिवृत कर्मचारी गुस्सा गए। शुक्रवार सुबह वे सभी आए और आयुक्त से मिलने का इंतजार करने लगे। आयुक्त ने पहले एक घंटे में मिलने का आश्वासन दिया फिर फोन स्विच ऑफ कर लिया। ऐसे में गुस्साए सेवानिवृत कर्मचारियों ने सेवारत कर्मचारियों से कार्य का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया और पार्क में प्रदर्शन करने लगे।

सभापति के समक्ष मांग रखते हुए कर्मचारी।

वेतन और पेंशन भी नहीं मिली कर्मचारियों को... प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना हैं कि एक वक्त था जब एक या दो तारीख को वेतन मिल जाता था। लेकिन आयुक्त के सीट पर नहीं बैठने से वक्त से वाउचर पर हस्ताक्षर नहीं हुए। ऐसे में वेतन और पेंशन रुकी हुई है।

दोपहर में सभापति ललिता समदानी पहुंची। कर्मचारियों ने आयुक्त के रवैये को लेकर शिकायत की। इस पर सभापति समदानी ने कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल से बात की। इसके बाद कर्मचारियों की ओर से दी शिकायत को कलेक्टर और निदेशक को भेजा गया। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए लंच बाद वापस काम पर लौटे।

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