शोभायात्रा में 321 महिलाओं ने धारण किए कलश
तेजाजी चौक स्थित रपट के बालाजी मंदिर में माता अंजनी व कनक बिहारी जी की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का सात दिवसीय महोत्सव मंगलवार से शुरू हुआ। प्रथम दिन संकटमोचन हनुमान मंदिर से संत-महात्माओं के सानिध्य में बैंडबाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुई यात्रा में आगे हाथी, घोड़ों व ऊंट पर दुर्गावाहिनी की बहनें धर्मध्वजा लिए सवार थी।
पीछे बैंडबाजे की मधुर स्वरलहरियों के बीच युवा नाचते-गाते तथा पुरुष जयकारे लगाते चल रहे थे। 321 महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थी। सबसे पीछे रामदरबार की झांकी व मंदिर में प्रतिष्ठित होने वाली मूर्तियां एवं शिखर पर स्थापित होने वाला स्वर्ण कलश था। बग्घी में महंत बलराम दास महाराज व अन्य संत-महात्मा सवार थे। शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए रपट के बालाजी मंदिर पहुंची, जहां मातृ शक्ति द्वारा उत्सव मनाया गया।
यज्ञाचार्य नगर व्यास राजेंद्र व्यास व अन्य पंडितों के वेद मंत्रों के साथ पंचकुंडीय यज्ञशाला में गणेश-गौरी आदि देवों की पूजा-अर्चना की गई। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज ने पूजा-अर्चना करा शोभायात्रा रवाना कराई। महोत्सव के तहत 19 अप्रैल को भजन संध्या तथा 20 को सुंदरकांड पाठ होगा। 23 अप्रैल को माता अंजनी व कनक बिहारी जी की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा व शिखर पर स्वर्ण कलश की स्थापना के साथ ही महोत्सव की पूर्णाहुति होगी।
धर्म-समाज
भास्कर संवाददाता| भीलवाड़ा
तेजाजी चौक स्थित रपट के बालाजी मंदिर में माता अंजनी व कनक बिहारी जी की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का सात दिवसीय महोत्सव मंगलवार से शुरू हुआ। प्रथम दिन संकटमोचन हनुमान मंदिर से संत-महात्माओं के सानिध्य में बैंडबाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुई यात्रा में आगे हाथी, घोड़ों व ऊंट पर दुर्गावाहिनी की बहनें धर्मध्वजा लिए सवार थी।
पीछे बैंडबाजे की मधुर स्वरलहरियों के बीच युवा नाचते-गाते तथा पुरुष जयकारे लगाते चल रहे थे। 321 महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थी। सबसे पीछे रामदरबार की झांकी व मंदिर में प्रतिष्ठित होने वाली मूर्तियां एवं शिखर पर स्थापित होने वाला स्वर्ण कलश था। बग्घी में महंत बलराम दास महाराज व अन्य संत-महात्मा सवार थे। शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए रपट के बालाजी मंदिर पहुंची, जहां मातृ शक्ति द्वारा उत्सव मनाया गया।
यज्ञाचार्य नगर व्यास राजेंद्र व्यास व अन्य पंडितों के वेद मंत्रों के साथ पंचकुंडीय यज्ञशाला में गणेश-गौरी आदि देवों की पूजा-अर्चना की गई। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज ने पूजा-अर्चना करा शोभायात्रा रवाना कराई। महोत्सव के तहत 19 अप्रैल को भजन संध्या तथा 20 को सुंदरकांड पाठ होगा। 23 अप्रैल को माता अंजनी व कनक बिहारी जी की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा व शिखर पर स्वर्ण कलश की स्थापना के साथ ही महोत्सव की पूर्णाहुति होगी।