भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा
इस बार पहला रोजा जुमे को है। इस मुबारक महीने में 29 ही रोजे हुए तो आखिरी रोजा भी जुमे को रखा जाएगा। ऐसे में पूरे रमजान महीने में पांच जुमे होंगे। 29 रोजे होने की स्थिति में जहां आखिरी रोजे को जुमातुल विदा मनाएंगे, उसके अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाएगा। यह स्थिति इसलिए है कि शुक्रवार को पहला रोजा है। ऐसे में पूरे महीने में पांच शुक्रवार आएंगे। चूंकि जुमे का दिन आम दिनों में ही मुबारक माना जाता है, ऐसे में रमजान के महीने में पांच जुमे होने से यह महीना खास अहमियत रखता है।
पिछले साल पहला रोजा रविवार को था और कुल 29 रोजे ही रखे गए थे। ऐसे में आखिरी रोजा भी रविवार को रखा गया। उससे पहले 2016 में पहला रोजा मंगलवार को था, लेकिन रोजे 30 रखे गए थे, ऐसे में आखिरी रोजा बुधवार को था। जबकि 2015 में पहला रोजा जुमे को था और आखिरी भी जुमे को ही रखा गया था, चूंकि इस साल भी 29 रोजे रखे गए थे।
दोपहर में अदा की जाएगी जुमे की नमाज
शहर काजी खुर्शीद आलम ने बताया कि रात सवा नौ बजे तरावीह शुरू हो गई। शुक्रवार को सुबह 4:10 बजे सहरी एवं शाम 7:15 बजे रोजा इफ्तार होगा। सुबह 4:35 बजे फजर की नमाज होगी। मस्जिदों में दोपहर में पहले जुमे की नमाज अदा की जाएगी।