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असफलताओं से जो सीखते हैं सफलता उन्हीं के कदम चूमती है : मुनि प्रतीक

3 वर्ष पहले
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तेरापंथ सभा संस्था की ओर से आयोजित संस्कार निर्माण शिविर के चौथे दिन महाप्रज्ञ भवन में मुनि प्रतीक कुमार ने सफलता के पांच सूत्रों पर प्रशिक्षण के दौरान कहा कि जो असफलताओं से सीखते हैं सफलता उन्हीं के कदम चूमती है। दूसरों की निंदा करने में जितना वक्त निवेश करते है, उससे बेहतर है उतने समय में अपने गुणों को बढ़ाया जाए। इतिहास साक्षी है, जो लोग हौसलों से उड़े, आसमान को उन्हीं ने छुआ है। हीरो खुद अपने रास्ते बनाते है। मुनि जयेश कुमार ने बताया कि दुनिया में लाखों शक्तियां है, लेकिन सबसे बड़ी शक्ति है संकल्प की। ब्लैक बेल्ट राजकुमार मनेरिया ने सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए। प्रो. बीएल जागेटिया ने हेल्थी डाइट्स पर बताया कि आयुर्वेद भारत द्वारा प्रदत्त की गई सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्घत्ति है। शिविरार्थी ऋषभ जैन, ऋषभ बाबेल, अर्हम बाबेल, प्रज्ञ कांठेड, नमन जैन, अक्षत बोहरा, प्रखर वागरेचा, नींव जैन, हिमांशु हिंगड़, कनिष्क चोपड़ा, निखिल पारख, लविश आच्छा, शुभ बनवट, दर्शील जैन एवं मनन आच्छा ने विचार प्रकट किए।



तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय संस्कार निर्माण शिविर का समापन आज

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

तेरापंथ सभा संस्था की ओर से आयोजित संस्कार निर्माण शिविर के चौथे दिन महाप्रज्ञ भवन में मुनि प्रतीक कुमार ने सफलता के पांच सूत्रों पर प्रशिक्षण के दौरान कहा कि जो असफलताओं से सीखते हैं सफलता उन्हीं के कदम चूमती है। दूसरों की निंदा करने में जितना वक्त निवेश करते है, उससे बेहतर है उतने समय में अपने गुणों को बढ़ाया जाए। इतिहास साक्षी है, जो लोग हौसलों से उड़े, आसमान को उन्हीं ने छुआ है। हीरो खुद अपने रास्ते बनाते है। मुनि जयेश कुमार ने बताया कि दुनिया में लाखों शक्तियां है, लेकिन सबसे बड़ी शक्ति है संकल्प की। ब्लैक बेल्ट राजकुमार मनेरिया ने सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए। प्रो. बीएल जागेटिया ने हेल्थी डाइट्स पर बताया कि आयुर्वेद भारत द्वारा प्रदत्त की गई सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्घत्ति है। शिविरार्थी ऋषभ जैन, ऋषभ बाबेल, अर्हम बाबेल, प्रज्ञ कांठेड, नमन जैन, अक्षत बोहरा, प्रखर वागरेचा, नींव जैन, हिमांशु हिंगड़, कनिष्क चोपड़ा, निखिल पारख, लविश आच्छा, शुभ बनवट, दर्शील जैन एवं मनन आच्छा ने विचार प्रकट किए।

दो को मिलेगा श्रेष्ठ शिविरार्थी का खिताब... संस्कार निर्माण शिविर का रविवार को अणुव्रत साधना स्कूल शास्त्रीनगर में समापन होगा। शिविर में भाग ले रहे 103 शिविरार्थियों में से दो विद्यार्थियों को श्रेष्ठ एवं अनुशासित शिविरार्थी के ख़िताब से नवाजा जाएगा। मुनिवृंद सुबह 7:30 बजे रवाना होकर अणुव्रत साधना स्कूल पहुंचेंगे। शास्त्री नगर चौराहा से बालक अनुशासन रैली के साथ स्कूल में कूच करेंगे।

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