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बच्चों के ड्रॉप आउट होने का कारण नहीं बता सकी संस्था प्रधान

3 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा | जिले की सरकारी स्कूलों में संचालित मिड डे मिल (एमडीएम) का दो दिवसीय सघन निरीक्षण अभियान मंगलवार से शुरू हुआ। अभियान के लिए जिला मुख्यालय से 50 एवं 12 ब्लॉक मुख्यालयों से 160 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह व जिला मिड डे मील प्रभारी जगदीश चंद्र प्रजापति ने कच्ची बस्ती स्थित कावां खेड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। मीनू के अनुसार दाल चावल थे। खाने की गुणवत्ता देखी गई जो अच्छी पाई गई। संस्था प्रधान सुषमा शर्मा को गत सत्र के मुकाबले चालू सत्र में कक्षा तीन में नामांकन घटने का कारण पूछा। लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय न्यू हाउसिंग बोर्ड शास्त्री नगर में भी निरीक्षण कर बच्चों से जानकारी ली।

उधार के अनाज से पका पोषाहार...राजकीय प्राथमिक विद्यालय चेनपुरिया में खनि अभियंता कमलेश्वर बारेगामा ने निरीक्षण किया। यहां अन्य विद्यालय से अनाज उधार लेकर पोषाहार बनाया गया। इसी प्रकार राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ा खेड़ा में उप रजिस्ट्रार पारस मल जैन ने निरीक्षण किया। यहां भी उधार के अनाज से एमडीएम संचालित हो रहा था। राजकीय प्राथमिक विद्यालय तोलास में उद्यान विभाग के एईएन रामकिशोर मीणा ने निरीक्षण किया। यहां पानी की सुविधा नहीं थी। राउमावि गढ़वालों का खेड़ा में अनाज साफ नहीं था। बोरखेड़ा स्कूल में अनाज भंडारण सही तरीके से नहीं किया गया। केसरपुरा में अनाज भंडारण ऑफिस में ही कर रखा था। राउप्रावि लांबा बनेड़ा में कक्षा कक्ष में ही पोषाहार तैयार किया जा रहा था।

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