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स्टेशन की स्वच्छता देखने आई टीम को यात्रियों ने कहा- सफाई अच्छी फिर भी नगर परिषद से मंगाया चल सुविधाघर, फूटा निकला...फैली गंदगी

3 वर्ष पहले
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सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर राजीव शर्मा ने पिछले साल भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कहा था कि उत्तर भारत में ऐसा स्वच्छ स्टेशन उन्होंने नहीं देखा। उनके बयान पर फिर एक बार क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ‘क्यूसीआई’ की टीम ने भी मुहर लगाई है।

क्यूसीआई, दिल्ली की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार सुबह चित्तौड़गढ़ स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद भीलवाड़ा पहुंची। अधिकांश लोगों का फीडबैक पॉजिटिव रहा। स्टेशन की साफ-सफाई को लेकर यात्रियों ने संतुष्टि जताई। टीम मैंबर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक मोहम्मद नजर सैफी और स्वप्न चौधरी ने सुबह 10 बजे से शाम तक स्टेशन के कोने-कोने का निरीक्षण किया। डस्टबिन, सफाई कर्मियों की स्थिति, प्लेटफार्म, पार्किंग, कैंटीन, फुट ओवरब्रिज, रेलवे गेट आदि देखे। यात्रियों, सफाई कर्मचारियों, रेलवे कर्मचारियों से बात की।

उल्लेखनीय है कि यह सर्वे 4 चरणों में होता है। पहले में स्टेशन अधीक्षक का इंटरव्यू लिया जाता है। दूसरे में दस्तावेज जांच किए जाते हैं। इसमें स्टाफ का वेतन, टेंडर आदि से संबंधित जानकारी ली गई। तीसरे चरण में टीम निरीक्षण करने आई है। चौथे चरण में यात्रियों से फीडबैक लिया जाता है। तीसरा और चौथा चरण शुक्रवार को साथ हुआ। अब रिपोर्ट रेलवे मंत्रालय को भेजी जाएगी। इस आधार पर रेटिंग तय होगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि हमारे रेलवे स्टेशन की पूरे देश में कैसी स्थिति है। हम कितने स्टेशनों से सफाई में आगे हैं।

बड़ा सवाल... जब स्टेशन परिसर साफ सुथरा है तो सुविधाघर मंगवाने की जरूरत क्यों पड़ी

स्टेशन पर अपनाए गए वो तरीके जिनसेे मिल रही है स्वच्छता में तारीफ

भीलवाड़ा का रेलवे स्टेशन ए श्रेणी का है। इसे स्वच्छ बनाने में किसी एक कर्मचारी का नहीं बल्कि स्टेशन कर्मचारियों के साथ ही शहरवासियों का सहयोग है क्योंकि यहां आने वाले गंदगी नहीं फैलाते हैं।

तीन शिफ्ट में सफाई

परिसर में सफाई के लिए टेंडर दिया हुआ है। सुबह, दोपहर और रात की शिफ्ट में सफाई की जाती है। निगरानी की जिम्मेदारी स्वास्थ्य निरीक्षक और स्टेशन अधीक्षक की है। हर यात्री ट्रेन गुजरने के बाद प्लेटफॉर्म पर झाड़ू लगाया जाता है।

कुछ अव्यवस्था भी जो दाग हैं

आवारा पशु... परिसर हो या प्लेटफार्म। आवारा पशु घूमते रहते हैं। ओवरब्रिज पर कुत्ते-बकरियां घूमती दिख जाती हैं। इन्हें रोकने की व्यवस्था नहीं है।

जागरूकता केे रोचक पोस्टर

यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए फिल्मी डायलॉग के साथ नवाचार करते हुए पोस्टर लगाए हैं। डायलॉग लिखे फिल्मी पोस्टर का फायदा यह कि लोगों को चित्र और नारे लंबे समय तक याद रहते हैं।

रिजर्वेशन के आसपास नहीं शौचालय... रिजर्वेशन इमारत के पास शौचालय नहीं है। ऐसे में लोग पास की खुली जमीन पर शौच कर जाते हैं। क्यूसीआई टीम का निरीक्षण देखते हुए अधिकारियों ने नगर परिषद से मोबाइल शौचालय मंगवाया। इसका टैंक फूटा था। पानी और गंदगी स्टेशन परिसर में फैल गई। लोगो को लगेज लेकर इसमें से खुद को बचाते हुए आना-जाना पड़ा।

यात्रियों को इस तरह होना पड़ा परेशान

स्वच्छता निरीक्षण के दौरान नगर परिषद से मंगवाया मोबाइल सुविधाघर फूटा निकला इससे पानी रिस रहा था। इस कारण स्टेशन परिसर में पानी भर गया और यात्रियों को परेशानी हुई।

नुक्कड़ नाटक और एनजीओ

रेलवे स्वच्छता पखवाड़ा मनाता है। इस दौरान नुक्कड़ नाटक होते हैं। साल में कई बार एनजीओ के प्रतिनिधि आगे आकर खुद परिसर की सफाई में योगदान देते हैं। इससे स्टेशन पर सफाई का माहौल बनता है।

आगे क्या

407 स्टेशन की रैंकिंग होगी जारी... देशभर के 4041 शहर तीसरे स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल है। इनमें से विजेताओं की घोषणा की जा रही है। इसी तरह रेलवे मंत्रालय भी स्वच्छ रेल और स्वच्छ स्टेशन का सर्वेक्षण करा रहा है। देश के ए और ए वन श्रेणी के 407 स्टेशन इसमें में शामिल हैं। प्रत्येक स्टेशन पर क्यूसीआई की टीम निरीक्षण व यात्रियों से फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसकें बाद रैंकिंग जारी होगी। सर्वेक्षण का उद्देश्य स्टेशन की सफाई व्यवस्था में समस्या आ रही है तो उसका समाधान करना है। अगर किसी स्टेशन पर इनोवेशन किया गया है तो वैसा अन्य स्टेशन पर कैसे किया जा सकता है?

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