भीलवाड़ा | न्यायालय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई एक्ट प्रकरण संख्या दो ने चेक अनादरण मामले में आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। परिवादी मनोहरलाल लखारा ने प्रवीण नाहर के विरुद्ध परिवाद पेश किया था। इसमें बताया कि अभियुक्त अमित कंफैक्शनरी का पार्टनर है। उसने लखारा की फर्म प्रदीप्त कलर कैम से केमिकल्स उधार खरीदा। इसके भुगतान में दो चेक 2 लाख 73 हजार 374 एवं 2 लाख 49 हजार 600 के दिए। ये बैंक में अनादरित हो गए। न्यायालय ने इस पर 10 मई, 2018 को फैसला दिया। साथ ही 7 लाख 50 हजार रुपए प्रतिकर के रूप में परिवादी को देने का भी आदेश दिया।
विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एन आई एक्ट प्रकरण संख्या दो का फैसला