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सामूहिक विवाह में 31 जोड़ों ने 8वां वचन भी लिया-भ्रूण हत्या नहीं करेंगे, पिछले सम्मेलन में शामिल जोड़े हौसला बढ़ाने आए

3 वर्ष पहले
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राम जानकी सामूहिक विवाह समिति व सेवा भारती की ओर से रविवार को दूसरा सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। इसमें 31 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। कोटा रोड स्थित यश विहार में होने वाले इस सम्मेलन में एक खास संदेश भी था। इसमें पहले सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करने वाले सभी 30 जोड़ों को बतौर मेहमान आमंत्रित किया गया। इनका सम्मान भी किया। इसलिए कि दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले नए जोड़ों में सम्मान और आत्मविश्वास का भाव आए।

सामूहिक विवाह समिति के मंत्री किरणसिंह सेठिया ने बताया कि यश विहार से सुबह बिंदोली निकाली गई। 6 बग्गियों में दुल्हनें थीं जबकि सभी 31 दूल्हे घोड़ों बिठाए थे। इसके बाद सामूहिक तोरण और वरमाला की रस्म भी हुई। पिछले वर्ष सम्मेलन में विवाहित जोड़ों को महिला एवं बाल विकास विभाग की आेर से प्राप्त प्रोत्साहन राशि, समिति की आेर से वस्त्र दिए गए। सेठिया के अनुसार आमतौर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह के बाद आयोजक जोड़ों को भूल जाते हैं। जबकि वे समाज सुधार की एक पहल का हिस्सा बनते हैं। हमने उन्हें आमंत्रित रखा ताकि नए जोड़े गर्व कर सकें कि वे भी फिजूल खर्च रोकने के लिए सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं।

कार्यक्रम के सम्मेलन के संयोजक रविन्द्र जाजू, संरक्षक शांतिलाल गुर्जर, राज डी पांडे, रामस्वरूप जोशी, भंवरलाल दरगढ़, राजकुमार गोयल, गोपाल जीनगर, ललित पोरवाल, नटवरलाल ओझा, सुरेश लक्ष्यकार, रविंद्र कुमार, सुरेश सुवालका, अशोक कुमार सेन, ललित कुमार जैन, लक्ष्मी नारायण, ओम प्रकाश अग्रवाल, राघव सोमानी, सुमित्रा दरगड़, साधना मेलाना, कविता लोहानी, मनीषा पारीक, सरस्वती पारीक, संगीता नागौरी, सुधा चांडक आदि सदस्यों ने सहयोग दिया।

सर्वजातीय विवाह सम्मेलन में फिजूलखर्ची भी रोकी

संतों का आशीर्वाद...प्रवक्ता सुनील चपलोत ने बताया कि वर-वधू को बालयोगी महंत उमेशनाथ, हरिशेवा उदासीन आश्रम के संत मायाराम, गोपालदास, मोहनशरण, मनोहरानंद सरस्वती ने आशीर्वाद दिया। एसपी प्रदीपमोहन शर्मा, विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, जिला प्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा, यूआईटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष दामोदर अग्रवाल भी शामिल हुए। संचालन राजकुमार स्वर्णकार ने किया।

31 पंडितों ने कराई रस्में...

सात फेरों के सात वचन में इस बार एक और वचन शामिल किया। जोड़ों ने भ्रूण हत्या नहीं करने का वचन लिया। पंडित विजय शर्मा के साथ 31 पंडितों ने रस्में कराईं। जोड़ों को उपहार सामग्री के रूप में 5 हजार रुपए की एफडी, पलंग, अलमारी, चांदी की पायल, नाक का कांटा, वधू को बेस, दूल्हे को सफारी सूट के सहित 51 तरह के उपहार दिए गए।

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