भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा
अकसर विवादों में रहने वाले नगर परिषद आयुक्त पदम सिंह नरुका एक और विवाद में पड़ गए हैं।
स्वायत शासन विभाग के शासन सचिव नवीन महाजन को 15 मई को चित्तौड़गढ़ में हुई तीन जिले के अधिकारियों की मीटिंग में आयुक्त नरुका ने अंधेरे में रखा। इस मीटिंग में आयुक्त नरुका नहीं गए थे। जब मीटिंग में गए भीलवाड़ा नगर परिषद के बाकी अधिकारियों को शासन सचिव महाजन ने आयुक्त के मीटिंग में नहीं आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि आयुक्त भीलवाड़ा में नहीं है और बाहर गए हुए हैं। इसलिए मीटिंग में नहीं आ पाए। जबकि हकीकत यह है कि 15 मई को आयुक्त भीलवाड़ा नगर परिषद में ही थे और उनके रजिस्टर में हस्ताक्षर भी है। मीटिंग में नहीं जाने से नाराज शासन सचिव महाजन ने मीटिंग से ही भीलवाड़ा कलेक्टर शुचि त्यागी से इस संबंध में बात की और मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। महाजन की मीटिंग में सामने आया कि आयुक्त के स्तर पर अंबेडकर भवन और सड़कों के नवीनीकरण के काम अटके हुए हैं। आठ सड़कों के नवीनीकरण के लिए राज्य सरकार ने आठ करोड़ रुपए का बजट जारी किया था लेकिन अभी तक फाइलें अटकी हुई हैं।