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जॉब पर माल भेजने पर ई-वे बिल सप्लायर को जारी करना होगा

3 वर्ष पहले
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वाणिज्यकर विभाग एवं मेवाड़ चेंबर की ओर से सोमवार को चेंबर भवन में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल पर सेमीनार हुई। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में एक शहर एवं जिले के अंदर माल परिवहन पर इंट्रा ई-वे बिल व्यवस्था 20 मई से लागू कर दी गई है।

कर अधिकारी मुकेश दीक्षित ने बताया कि भीलवाड़ा टेक्सटाइल व्यवसाय में जोब वर्कर की ओर से विविंग या प्रोसेसिंग के लिए माल भेजने पर ई-वे बिल जारी करने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल सप्लायर पर है। सप्लाई के केस में 50 हजार रुपये से अधिक के मूल्य का माल होने पर ई-वे बिल जारी किया जाना आवश्यक है, इसमें माल की कीमत एवं जीएसटी की राशि भी शामिल होगी। स्वयं की एक फैक्ट्री या गोडाउन से दूसरी फैक्ट्री या गोडाउन में माल भेजने, जोब वर्कर द्वारा सीधा माल भिजवाने, एक जोब वर्कर से दूसरे जोब वर्कर को माल भिजवाने, निर्यात के लिए माल भेजने, मशीनों को फैक्ट्री के बाहर रिपेयरिंग के लिए भेजने पर भी ई-वे बिल आवश्यक है। मेवाड़ चेंबर के मानद महासचिव आरके जैन ने बताया कि मेवाड़ चेंबर की ओर से मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त वाणिज्यकर, कलेक्टर भीलवाड़ा, उपायुक्त वाणिज्यकर भीलवाड़ा को प्रतिवेदन भेजकर एक शहर, जिले के अंदर एवं राज्य के अंदर सभी तरह के यार्न, फेब्रिक्स और टेक्सटाइल गुड्स को तथा अन्य राज्यों की तरह केवल 19 आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य सभी वस्तुओं पर ई-वे बिल की आवश्यकता समाप्त करने का अनुरोध किया है। कार्यशाला में सहायक आयुक्त कानाराम एवं कर अधिकारी मुकेश दीक्षित ने संभागियों की शंकाओं का समाधान किया।

अंतरराज्यीय ई-वे बिल पर मेवाड़ चैंबर में हुई कार्यशाला, प्रदेश में 20 मई से लागू हो गई है नई ई-वे बिल व्यवस्था

पीएफसी गार्डन में सेमीनार आज... लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा की ओर से राजस्थान में लागू हुए ई-वे बिल के प्रावधानों के संदर्भ में मंगलवार शाम 4 बजे से पीएफसी गार्डन आजाद नगर में सेमीनार होगी। इसमें जोब वर्क और प्रोसेसिंग पर ई-वे बिल के प्रावधानों पर भी चर्चा होगी।

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

वाणिज्यकर विभाग एवं मेवाड़ चेंबर की ओर से सोमवार को चेंबर भवन में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल पर सेमीनार हुई। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में एक शहर एवं जिले के अंदर माल परिवहन पर इंट्रा ई-वे बिल व्यवस्था 20 मई से लागू कर दी गई है।

कर अधिकारी मुकेश दीक्षित ने बताया कि भीलवाड़ा टेक्सटाइल व्यवसाय में जोब वर्कर की ओर से विविंग या प्रोसेसिंग के लिए माल भेजने पर ई-वे बिल जारी करने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल सप्लायर पर है। सप्लाई के केस में 50 हजार रुपये से अधिक के मूल्य का माल होने पर ई-वे बिल जारी किया जाना आवश्यक है, इसमें माल की कीमत एवं जीएसटी की राशि भी शामिल होगी। स्वयं की एक फैक्ट्री या गोडाउन से दूसरी फैक्ट्री या गोडाउन में माल भेजने, जोब वर्कर द्वारा सीधा माल भिजवाने, एक जोब वर्कर से दूसरे जोब वर्कर को माल भिजवाने, निर्यात के लिए माल भेजने, मशीनों को फैक्ट्री के बाहर रिपेयरिंग के लिए भेजने पर भी ई-वे बिल आवश्यक है। मेवाड़ चेंबर के मानद महासचिव आरके जैन ने बताया कि मेवाड़ चेंबर की ओर से मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त वाणिज्यकर, कलेक्टर भीलवाड़ा, उपायुक्त वाणिज्यकर भीलवाड़ा को प्रतिवेदन भेजकर एक शहर, जिले के अंदर एवं राज्य के अंदर सभी तरह के यार्न, फेब्रिक्स और टेक्सटाइल गुड्स को तथा अन्य राज्यों की तरह केवल 19 आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य सभी वस्तुओं पर ई-वे बिल की आवश्यकता समाप्त करने का अनुरोध किया है। कार्यशाला में सहायक आयुक्त कानाराम एवं कर अधिकारी मुकेश दीक्षित ने संभागियों की शंकाओं का समाधान किया।

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