ऑफलाइन पेपर में 10 % सवाल पिछले प्रश्न पत्रों से आए
जेईई मेन्स का ऑनलाइन पेपर रविवार और सोमवार को हो चुके हैं। यह परीक्षा उनके लिए थी जिन्होंने ऑनलाइन माध्यम का चयन किया था। इससे पहले 8 अप्रैल को भी ऑफलाइन माध्यम से जेईई मैंस हो चुका है। इस बार जेईई मैन की कट ऑफ स्कोर पिछली बार के 81 अंक से नीचे जाने की संभावना है। पिछले बरसों के पेपर में से 10 फीसदी सवाल इस बार आए थे। इसका सीधा फायदा उन स्टूडेंट्स को मिला जिन्होंने पिछले साल के पेपर्स का रीविजन अच्छे से किया। एक फायदा उन स्टूडेंट्स के लिए भी रहा जिन्होंने एनसीईआरटी के बेसिक्स क्लियर किए थे। कई बार देखने में आता है कि स्टूडेंट्स कोचिंग और प्रतिष्ठित लेखकों की किताबों को पढ़ने में लगा रहता है लेकिन 11वीं और 12वीं की एनसीईआरटी की मूल किताबों को नहीं पढ़ते हैं।
सीबीएसई दे रही एनसीईआरटी की किताबों को महत्व, इस बार केलकुलेशन का हिस्सा कम
30 अप्रैल को आएगा मैंस का रिजल्ट, 20 मई को एडवांस का पेपर ... पहली बार 20 मई को जेईई एडवांस की ऑनलाइन परीक्षा होगी। स्टूडेंट्स को कंप्यूटर के साथ अभ्यास कराने के लिए 5 मई के आसपास ऑनलाइन मॉक टेस्ट आईआईटी कानपुर कराएगा। हालांकि पेपर में किस तरह के सवाल, कितने सवाल और मार्किंग पैटर्न के बारे में तो मुख्य पेपर वाले दिन ही लग सकेगा।
भीलवाड़ा के 15 प्रतिशत स्टूडेंट्स उत्तीर्ण होते हैं जेईई मैंस में
शहर में करीब 900 स्टूडेंट्स साइंस स्ट्रीम के हैं। इनमें से औसतन 500 मैथ्स लेते हैं और करीब 150 से 200 स्टूडेंट्स कोटा चले जाते हैं। 300 स्टूडेंट्स शहर में रहकर की तैयारी करते हैं। करीब 15 प्रतिशत स्टूडेंट्स जेईई एडवांस के लिए क्लियर हो पाते हैं। 30 अप्रैल को जेईई मैंस का रिजल्ट आएगा। इसके साथ ही क्लियर होगा कि एडवांस के लिए कितने क्वालिफाई करते है।
इस बार मैथ्स नहीं, फिजिक्स थी मुश्किल ... मैथ्स को लेकर स्टूडेंट्स के बीच हव्वा बना रहता है। इसे दूर करने या मेंटल स्टेट्स को तनाव मुक्त रखने के लिए जेईई मैंस के पेपर में मैथ्स का हिस्सा मुश्किल नहीं रखा। यहां तक कि ज्यादा कंसेप्ट आच्धारित नहीं था। तीन सवाल ऐसे थे जो कि बिना वैल्यू बदले ही आए थे। कुछ सवाल सीधे फॉर्मूला लगाकर सॉल्व करना थे। यानि इस बार केलकुलेशन का हिस्सा कम था। इसके उलट, इस बार फिजिक्स के सवालों का स्तर ऊंचा था। मैन के पेपर का विश्लेषण करें तो फिजिक्स में 12वीं से 17 व 11वीं से 13 सवाल आए थे। केमेस्ट्री में 12वीं से 16 व 11वीं से 14 सवाल, मैथ्स में 12वीं से 16 व 11वीं से 14 सवाल आए थे।
पांच साल का कट ऑफ
साल कट ऑफ
2013 113
2014 115
2015 105
2016 100
2017 81
कट ऑफ स्कोर को देखते हुए कह सकते हैं कि पेपर का स्तर हाई हो रहा है। ऐसे में स्कोर कम होता जा रहा है। पांच सालों में 113 से 81 पर आ गया है यानि कट ऑफ में 28.31 प्रतिशत कमी हुई है।
एक्सपर्ट
जेईई एडवांस के दो पेपर ऑनलाइन होंगे। तीन-तीन घंटे तक स्क्रीन पर ध्यान लगाकर पेपर सॉल्व करना चुनौती रहेगा। इतने घंटे बैठकर पेपर सॉल्व कर सकें ऐसी प्रेक्टिस करें। यही स्टूडेंट्स के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगा। डॉ. अरुण दुबे, डायरेक्टर, एजूब्रेन इंस्टीट्यूट भीड़ के हिसाब से नहीं अपनी व्यक्तिगत क्षमता देखकर पढ़ें। जेईई के लिए स्टूडेंट्स को प्लस माइनस देखकर पढ़ना जरूरी है। सभी एक स्तर पर नहीं पढ़ सकते हैं। पूरी क्षमता से पढ़कर ही जेईई क्वालिफाई कर सकेंगे। - मनीष पुरोहित, सहनिदेशक, निंबस एजूकेशन