पद्म पुराण में बताए पांच महायज्ञ
भीलवाड़ा|कांवाखेड़ा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में सुबह सवा दस जे से आयोजित पद्मपुराण में आचार्य पंडित प्रभु दत्त ने पांच महायज्ञ बताए। मंदिर के पुजारी सीताराम शर्मा ने बताया कि कथा में अगस्त ऋषि द्वारा समुद्र पान, महर्षि दधीचि द्वारा सत्य पक्ष के निमित अस्थि दान का वर्णन किया।
राकेश मुनि के सान्निध्य में भक्तामर स्त्रोत का जाप
भीलवाड़ा | नागौरी गार्डन में धर्मसभा में राकेश मुनि ने उद्बोधन में कहा कि प्रथम अक्षर गु का अर्थ ‘अंधकार’ होता है जबकि दूसरे अक्षर ‘रु’ का अर्थ ‘उसको हटाने वाला’ होता है। अर्थात अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को ‘गुरु’ कहा जाता है।
धर्मसभा ने उपाध्याय मूल मुनि ने विचार रखे। इससे पहले शास्त्री नगर से विहार करके नागौरी गार्डन पहुंचने पर शांतिलाल, मनोजकुमार, लाड़ मेहता ने उपाध्याय मूल मुनि कि अगवानी की। धर्म सभा में भक्तांबर स्त्रोत का जाप किया। जाप में नीता बाबेल, ललित लोढा, किशनगढ़ से विनोद कुमार मेहता, ललित बाबेल ने जाप भाग लिया।