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मां का दाह संस्कार कर लौटे युवक ने रात में बाड़े में सो रही वृद्धा के साथ की ज्यादती

3 वर्ष पहले
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मां का दाह संस्कार कर लौटे युवक ने गत रात सुभाषनगर थाना क्षेत्र की एक बस्ती स्थित बाड़े में रहने वाली वृद्धा के घर में घुसकर उसके साथ ज्यादती की।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी वृद्धा ने सुभाषनगर थाने में दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूर्व में भी आसींद थाना क्षेत्र के एक गांव में किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ की तो क्षुब्ध लड़की ने जान दे दी थी। मामले में आरोपी करीब पांच साल की सजा भी काट चुका है। इस कृत्य के लिए उसका सामाजिक बहिष्कार किया गया था।

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सुभाषनगर थाने के दीवान मोतीराम ने बताया कि आसींद क्षेत्र के मोड़ का निंबाहेड़ा हाल कुवाड़ा खान कच्ची बस्ती कबाड़ी का काम करने वाला 30 वर्षीय कैलाश पुत्र बंशीलाल खटीक रात करीब एक बजे थाना क्षेत्र की ही एक बस्ती स्थित बाड़े में अकेली रहने वाली 65 वर्षीय वृद्धा के कमरे में दीवार कूद कर पहुंचा। उसने वृद्धा का मुंह दबा धमका कर उसके साथ ज्यादती की। सुबह वृद्धा सांगानेरी गेट चौकी पहुंची, जहां से उसे सुभाषनगर थाने भेजा गया।

पुलिस ने वृद्धा की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू करते हुए कुवाड़ा खान की तरफ बाइक से भागते दबोच लिया। बताया गया कि मंगलवार को ही भीमगंज थाना क्षेत्र की एक बस्ती में भाई के पास रह रही आरोपी की मां का निधन हो गया था। दाह संस्कार कर घर लौटा और रात में थाना क्षेत्र की एक बस्ती में अकेले रह रही वृद्धा के बाड़े में दीवार फांद कर घुस उसके साथ ज्यादती कर दी। वृद्धा का कहना हैं कि आरोपी को क्षेत्र में कई बार होटलों पर चाय पीते देखा था।

पांच साल की सजा भुगत चुका आरोपी

दीवान ने बताया कि आरोपी कैलाश के खिलाफ वर्ष 1997 में आसींद थाना क्षेत्र के ही एक गांव की लड़की के साथ छेड़छाड़ व ज्यादती का प्रयास करने पर लड़की क्षुब्ध होकर कुएं में गिर गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। बाद में उसे 1997 से 2001 तक करीब पांच साल की सजा हुई थी। 2001 में वह हाईकोर्ट से बरी हो गया।

आरोपी के खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में भी दर्ज हुआ था मामला...पुलिस ने बताया कि आरोपी कैलाश को जेल में रहते पेरोल पर छोड़ा गया था। पेरोल का मतलब जेल से छुट्टी पर भेजना होता है। छुट्टी पूरी हो जाने पर भी उसके जेल नहीं पहुंचने पर वर्ष 2007 में उसके खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में भी मामला दर्ज हुआ था। बताया गया कि घटना को लेकर आरोपी का सामाजिक तरीके से बहिष्कार कर दिया था। इसके चलते वह भीलवाड़ा आकर रहने लगा और कबाड़ी का काम कर रहा था। देर रात वह घर से निकला और यह शर्मनाक घटना की।

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