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विश्नोई समाज के सामूहिक सम्मेलन में 20 जोड़ों की शादियां मकसद- बाल विवाह पर रोक लगे और फिजूलखर्ची नहीं हो

3 वर्ष पहले
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विश्नोई समाज ने बुधवार को पहली बार सामूहिक विवाह सम्मेलन की शुरुआत की। मकसद था-जरूरतमंद परिवारों को मुख्यधारा में लाने के साथ ही समाज में बाल विवाह पर रोक लगे। अखिल भारतीय विश्नोई सामूहिक विवाह समिति की ओर से सम्मेलन में 20 जोड़े हम सफर बने। तुलसी विवाह भी हुआ।

समाज के अध्यक्ष प्रेम विश्नोई ने बताया कि शादी समारोह में होने वाली फिजूल खर्ची रोकने के साथ ही समाज के जरूरतमंद परिवार को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि सेमलिया धाम के महंत भगवान प्रसाद थे। जगदीश चंद्र देवड़ा ने बताया कि सम्मेलन में शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर, पूर्व मंत्री राम लाल जाट, यूआईटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नंद लाल गुर्जर, विश्नोई महासभा के जिला प्रधान अमरचंद विश्नोई, पार्षद मीनू देवी विश्नोई ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर सफल जीवन की कामना की।

नवदंपतियों ने लिया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संकल्प...

बाल विवाह जैसी कुरीति त्यागने को लेकर जनसंपर्क किया

आज भी ग्रामीण इलाकों में जागरूकता के अभाव में बाल विवाह जैसे अपराध हो रहे हैं। इससे गृहस्थी बनने से पहले ही उजड़ रही है। सभी समाजों को आगे आकर बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। यह बात रावणा राजपूत सेवा संस्थान के युवा प्रद्ेश उपाध्यक्ष रतन सिंह राणावत ने ग्रामीण क्षेत्रों में समाज बंधुओं से बाल विवाह नहीं करने के जनसंपर्क के दौरान कही। जिलाध्यक्ष भंवर सिंह भाटी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह के कई कारण है।

सम्मेलन में भाग लेने आए अर्जुन अवार्डी व भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच कृपाशंकर पहलवान ने सामूहिक विवाह को अच्छी पहले बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन में आम से लेकर खास व्यक्ति एक जाजम पर आ जाते हैं। सम्मेलन के संयोजक गिरिराज बघेला ने बताया कि नवदंपतियों को बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ का संकल्प दिलाया गया। सम्मेलन में सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखा गया।

जागरूकता के लिए अभियान... महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से संचालित चाइल्ड लाइन 1098 परियोजना के तहत बाल विवाह को रोकने के लिए चाइल्ड लाइन की ओर से प्राईवेट बस यूनियन के सहयोग से ग्रामीण बसों पर जागरूकता के पोस्टर लगाए गए। कट्स के परियोजना समन्वयक श्रीराधे वैष्णव बताया कि इससे ग्रामीण क्षेत्र में बाल विवाह नहीं करवाने को लेकर जागरूकता आएंगी।

बिजौलिया. फूलासती की धार मंदिर में धोक लगाता नाबालिग दूल्हा।

और ये चिंता कब मिटेगी... 30 नाबालिग जोड़े धोक लगाने आए थे जोगणिया माता मंदिर में

बिजौलिया | आखातीज पर बाल विवाह रोकने की पुलिस व प्रशासन ने तैयारियां की, लेकिन नाकाम रहे। एक दिन पूर्व कई नाबालिग परिणय सूत्र में बंध गए। मंगलवार सुबह 11:30 बजे करीब 15 नाबालिग जोड़े धोक लगाने पहुंचे थे। मामले की जांच करने बिजौलिया एसडीएम प्रवीण कुमार, तहसीलदार भूपेंद्र सिंह व पटवारी संजय पाराशर जोगणिया माता पहुंचे। जांच में­­­ पता चला कि दोपहर बाद 15 और नाबालिग जोड़े धोक लगाने जोगणिया माता पहुंचे थे। यह जोड़े बेगूं क्षेत्र के होने की बात सामने आई है। तहसीलदार भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 9:30 बजे जोगणिया माता पहुंचे। मंदिर कमेटी के सदस्यों से जानकारी लेने पर सामने आया कि मंगलवार को करीब 30 नाबालिग जोड़े धोक लगाने मंदिर पहुंचे थे। सदस्यों ने बताया कि शादी के बाद मन्नत पूरी करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से यहां धोक लगाने आते हैं। ज्यादातर नाबालिग जोड़े बेगूं क्षेत्र के थे।

बच्चों की शादियां की, धोक लगाने लाए परिजन

आखातीज पर धोक लगाने पहुंचा नाबालिग ... तिलस्वां के पास स्थित फूलासती की धार मंदिर में बुधवार दोपहर एक नाबालिग जोड़ा धोक लगाने पहुंचा। आखातीज पर बड़ी संख्या में सावे होने के बावजूद प्रशासन बाल विवाह नहीं रोक पाया। विवाह के बाद परिजनों के साथ आए नाबालिग जोड़े ने धोक लगाकर मन्नत पूरी की।

बाल विवाह को लेकर बेगूं प्रशासन गंभीर नहीं...बेगूं के रेवेन्यू इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह व पटवारी बुधवार को जोगणिया माता पहुंचे। एसडीएम व तहसीलदार दोनों सीएम दौरे के कारण जोगणिया माता नहीं पहुंच पाए। आरआई सिंह ने बताया कि हमें तो सिर्फ एक नाबालिग जोड़ा जोगणिया माता पहुंचने की जानकारी मिली है। यह जोड़ा बेगूं के पास चेंची एरिया का होने की बात सामने आई है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए सरकार गंभीर है, लेकिन बेगूं प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मामले को लेकर सिर्फ खानापूर्ति की गई।

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