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लहार, ऊमरी, मौ, मेहगांव, अटेर में नहीं है महिला डॉक्टर, प्राइवेट में करा रहे इलाज

3 वर्ष पहले
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मौ के अस्पताल में बंद एक्स-रे एवं ई-वैक्सीन स्टोर।

स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा पर अमल नहीं

लहार के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने शुभारंभ के अवसर पर लोगों की मांग को देखते हुए एक हफ्ते में महिला डॉक्टर की नियुक्ति के साथ अन्य अवाश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की घोषणा की थी। लेकिन एक माह बीत चुका है स्वास्थ्य मंत्री की घोषणाओं पर अमल नहीं किया गया है। जबकि लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह भी अस्पताल में महिला डॉक्टर की मांग के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक कदम तक आगे नहीं बढ़ाया है। समस्या को लेकर स्थानीय नागरिक भी शासन व प्रशासन के अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को इलाज के लिए प्राइवेट क्लीनिक पर ही नाना होता है।

मौ में एक्स-रे मशीन बंद

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौ में पिछले दो साल से एक्सरे मशीन बंद होने के कारण मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए जिला अस्पताल या प्राइवेट लैब पर जाना पड़ रहा है। मालूम हो कि अस्पताल में दो साल पूर्व लैब टेक्नीशियन का तबादला होने पर एक्सरे कक्ष बंद कर दिया गया है। एक्सरे कक्ष में लगा ताला मरीजों के लिए समस्या का सबब बना हुआ है। लोगों का कहना है कि एक्स-रे कराने के लिए भिंड जाना पड़ता है, जिसमें अधिक समय के साथ रुपए खर्च भी होते हैं। समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन आश्वासन का हवाला देकर बात टाल दी जाती है। ऐसी स्थिति में नगर वासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं क्षेत्र के 84 गांव के लोगों को महिला डॉक्टर की कमी बखूबी खल रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे

अस्पताल में महिला डॉक्टर की कमी मरीजों के लिए समस्या का कारण है, इस संबंध में हम वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। -डॉ राहुल भदौरिया, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौ

जल्द चालू कराएंगे एक्स-रे मशीन

एक्सरे मशीन के लिए लैब टेक्निशयन जल्द ही नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में अन्य आवश्यक सुविधाओं को मरीजों के अनुसार पूरा किया जाएगा। -माला शर्मा, तहसीलदार मौ,

अस्पतालों डॉक्टर की स्थिति

अस्पताल महिला डॉक्टर

गोहद 01

मौ 00

ऊमरी 00

लहार 00

फूप 01

राैन 01

मेहगांव 00

मिहोना 00

आलमपुर 00

अटेर 00

ऊमरी में डॉक्टर की कमी

ऊमरी के सरकारी अस्पताल में बीस दिन पूर्व डॉक्टर को जिला मुख्यालय बुला लिया गया था। इसके बाद दूसरे किसी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों से अलग-अलग बीमारियों के मरीज इलाज के लिए सरकारी अस्पताल की ओपीडी में घंटों डॉक्टर का इंतजार कर घर लौट जाते हैं। हालांकि मरीजों की समस्या को देखते हुए फूप बीएमओ डॉ डीके शर्मा सुबह डेढ़ घंटे ओपीडी में मरीजों का चेकअप कर दवा देते हैं, लेकिन बाद में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल जाना होता है। ऐसे में इमरजेंसी के वक्त अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलते हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि लंबे वक्त से अस्पताल में स्थाई डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है। जिससे मरीजों को सरकारी सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अस्पताल में सुविधाएं नहीं

सुबह इलाज के लिए अस्पताल गए थे, लेकिन महिला डॉक्टर नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में जाने के लिए कहा। अस्पताल में किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। -अंजना शर्मा, मरीज, वार्ड आठ मौ

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