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धर्म... मरण आना ही है फिर भी लोग अनजान: महाराज

3 वर्ष पहले
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भिंड | शरीर में से जीव के प्राण कब निकलते है प्रत्येक संसारी प्राणी को सीमा बनानी चाहिए क्यों कि जो मनुष्य जितनी सीमा बनाता है। उतनी असीमत्ता प्राप्त होती है और असीमत्ता हमें अनंत तक पहुंचाती है, जो आत्मा विशुद्ध आत्मा कहलाती है। यह वचन विनम्र सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान कहे। उन्होंने कहा कि जब शरीर जर-जर हो जाता है। वहीं उठने व बैठने की ताकत नहीं रहती है तब शरीर से प्राण बाहर निकलते है। शरीर पुराना क्यों होता है। शरीर मिट्टी का है और मिट्टी का परिवर्तन होना आवश्यक है। शरीर जब सड़ गल जाता है पुराना हो जाता है तब इस पुराने शरीर को छोड़कर नए शरीर में परिवर्तन होना पड़ता है। इस मौके पर महेंद्र कुमार जैन, रमेश जैन, सुभाष जैन, अरविंद कुमार व संजीव कुमार जैन आदि मौजूद रहे।

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