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नंबर-वन जिला अस्पताल में जमीन पर मरीज जो वार्ड खाली हैं, उनमें नहीं कर रहे शिफ्ट

3 वर्ष पहले
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सिविल सर्जन बोले- अब खाली पड़े वार्डाें में शिफ्ट कराएंगे मेडिकल वार्ड में आने वाले मरीज

भास्कर संवाददाता | भिंड

कायाकल्प अभियान में तीन बार बाजी मार चुके जिला अस्पताल में इन दिनों भर्ती होने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के लिए पलंग तो दूर जमीन पर गद्दे व चादर तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जबकि अस्पताल के कई वार्ड ऐसे हैं, जहां पलंग खाली पड़े हुए है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी से कुछ वार्डो में मरीजों को जमीन पर लेटकर इलाज कराना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों की पीड़ा और अधिक बढ़ गई है।

300 बिस्तर वाले भिंड जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सर्वाधिक मरीज मेडिकल वार्डों में भर्ती हैं, जिससे पलंग की संख्या कम पड़ गई है। पीडियाट्रिक वार्ड में 24 एवं मेल व फीमेल मेडिकल वार्ड में 28- 28 पलंग हैं, लेकिन इससे डेढ़ गुने मरीज इन वार्डाें में भर्ती हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन जमीन पर लेटने वाले मरीजों को गद्दे तो दूर की बात चादर भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, मरीजों को घर से ही चादर लाना पड़ रही है।

पलंग नहीं होने से मरीज जमीन पर लेटकर इलाज कराने को हैं मजबूर

कायाकल्प हुआ लेकिन वार्ड में नहीं बढ़ाए पलंग, मरीज हो रहे परेशान

पिछले चार- पांच साल से जिला अस्पताल में कायाकल्प की मुहिम चल रही है। इसके तहत वार्डों में व्यवस्थाएं बेहतर की गई हैं। मेल- फीमेल वार्डों को एयरकूल्ड व पीडियाट्रिक वार्ड को एयर कंडीशनर किया गया है पर पलंगों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। पलंगों की संख्या 30 साल पहले जितनी थी अब तक उतनी ही बनी हुई है। ग्रीष्मकाल के मद्देनजर अब तक पूर्व वर्षों की भांति गलियारे में पलंगों की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई गई है।

मरीजों को शिफ्ट कराया जाएगा

अस्पताल में पर्याप्त पलंग और चादर हैं। मरीजों को घर से लाए चादरों पर लेटकर इलाज कराने की स्थिति क्यों बनी यह दिखवाया जाएगा। वैसे आपका यह सुझाव ठीक है कि जिन वार्ड में खाली पड़े हैं, वहां मरीजों को शिफ्ट कराया जाएगा। - डा. अजीत मिश्रा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, भिंड

वार्ड में खाली पलंग

दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना चाहिए

गर्मी के दिनों में मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ती ही है। हमने अपने कार्यकाल में मेडिसिन विभाग में पलंग उपलब्ध न रहने पर सर्जिकल वार्ड में मरीजों को शिफ्ट कराया था। सर्जिकल और आई वार्ड ऐसे हैं जिनमें मरीजों को शिफ्ट कराने पर इंफेक्शन नहीं फैलता। -डा. केएन शर्मा, पूर्व सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, भिंड

जिला अस्पताल में 7 दिन की ओपीडी व आईपीडी की स्थिति

दिन ओपीडी आईपीडी

11 अप्रैल 1163 211

12 अप्रैल 958 166

13 अप्रैल 1336 166

14 अप्रैल 298 187

15 अप्रैल 247 245

16 अप्रैल 1540 242

17 अप्रैल 1188 149

वार्ड उपलब्ध पलंग मरीज संख्या

मेल मेडिकल 28 39

फीमेल मेडिकल 28 40

पीडियाट्रिक 24 30

वार्ड पलंगक्षमता भर्ती मरीज

सर्जीकल वार्ड 60 30

नेत्र वार्ड 30 00

डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी नहीं की गई पूर्ति: जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ की लंबे अर्से से कमी चल रही है। मेडिसिन विभाग विशेषज्ञ विहीन हो गया है। मेटरनिटी में भी महिला डाक्टर की कमी है।

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