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चंबल पुल में बेयरिंग के साथ बीम के नीचे भी आई दरार, 1 महीने से ज्यादा बंद रहेगा ट्रैफिक

3 वर्ष पहले
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चंबल पुल के छठवें पिलर के दक्षिणी बीम में आई दरार।

आज बंधु ट्रेडर्स की टीम करेगी पुल का निरीक्षण

बताया जा रहा है मेरठ के वेंडर्स ने प्रारंभिक तौर पर बुधवार को चंबल पुल का झूला डालकर निरीक्षण कर लिया है। वहीं आज गुरूवार को लखनऊ के बंधु ट्रेडर्स के तकनीकी अधिकारी आएंगे। वहीं दो दिन बाद मेरठ की टीम फिर से अपने साजो सामान के साथ इस पुल का निरीक्षण करेगी। इटावा जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बंधु ट्रेडर्स पहले भी इस पुल की मरम्मत का कार्य पहले भी कर चुका है, इसलिए उनके पुल का निरीक्षण करने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस बार मरम्मत का कार्य कौन करेगा।

कल एक और टीम करेगी पुल का निरीक्षण

मेरठ से आए वेंडर्स ने बुधवार को नीचे से चंबल पुल का निरीक्षण किया है। बीम के कैंटीलीवर सपोर्ट में भी दरार नजर आई है। जिससे जैक लगाने में अब परेशानी आएगी। कल बंधु ट्रेडर्स और परसों मेरठ वाली टीम फिर से आएगी और पुल का निरीक्षण करेगी। तभी कुछ कहा जा सकेगा। - एमसी शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी, इटावा

मेन लिफ्टर मशीन से चेक होंगे बीम

चंबल पुल की ऊंचाई काफी अधिक होने की वजह बीम का क्रेक नीचे नजर नहीं आ रहा है। जबकि झूला डालकर इस क्रेक की सही स्थिति का आंकलन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग इटावा के अधिशासी अभियंता एमसी शर्मा का कहना है कि क्रेक का सही आंकलन करने के लिए मेन लिफ्टर मशीन को बुलाया जाएगा। इसके सहारे क्रेक की स्थिति का सही आंकलन हो पाएगा।

दरार से बीम के नीचे नहीं लग पाएगा जैक

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि चंबल पुल की टूटी बैरिंग बदलने के लिए बुधवार को मेरठ के वेंडर्स की टीम के साथ सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एमसी शर्मा, सेतु निगम अवर अभियंता यूपी सिंह और सहायक अभियंता एसडी यादव का नीचे से निरीक्षण किया। जब झूला डालकर वेंडर्स ने पुल की बैरिंग का नाप लिया तभी बीम के कैंटीलीवर सपोर्ट एरिया में भी क्रेक नजर आया है, जिससे विशेषज्ञों की उलझन बढ़ गई है। यदि बीम में क्रेक होने से जैक नहीं लग पाएगा और बेयरिंग बदली नहीं जा सकेगी।

वाहनों की ओवरलोडिंग से आई चंबल पुल में दरार

चंबल पुल को बने हुए 49 साल बीतने को जा रहे हैं। जब इस पुल का निर्माण हुआ था तब इसे 20 से 30 टन की क्षमता के अनुरूप तैयार किया गया था। लेकिन वर्तमान में इस पुल पर 80 से 90 टन वजनी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे यह पुल बार-बार खराब हो रहा है। वहीं इस बार भी पुल की बैरिंग खराब होने के बाद समय पर उसकी मरम्मत का कार्य न किए जाने से उसके बीम में क्रेक आ गया है। जिससे इस पुल की मरम्मत कार्य में समय अधिक लग सकता है।

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