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10वीं परीक्षा में अपने स्थान पर दूसरे को बैठाने पर पांच साल का सश्रम कारावास

3 वर्ष पहले
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परीक्षार्थी की जगह बैठने वाला निकला नाबालिग

तीन हजार रुपए का जुर्माना भी किया

भास्कर संवाददाता | भिंड

माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में अपने स्थान पर फर्जी परीक्षार्थी बैठाने वाले को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता ने पांच साल के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड न चुकाने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

प्रकरण में शासन की ओर पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक सबलसिंह भदौरिया ने बताया कि वर्ष 2015 में आयोजित माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में पांच मार्च को हिंदी विषय का पेपर था। इस परीक्षा में परीक्षार्थी सुंदर सिंह (20) पुत्र रामरतन सिंह बघेल निवासी उदोतपुरा की मड़ैया का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवासा में परीक्षा केंद्र था। जहां सुंदर सिंह ने अपने स्थान पर ईलू उर्फ नवीन को परीक्षा में बैठा दिया। परीक्षा कक्ष में ड्यूटी दे रहे पर्यवेक्षकों ने जब बुकलेट में लगे सुंदर के फोटो से ईलू के चेहरे का मिलान नहीं होने पर जांच की तो वह फर्जी निकला। इस पर पुलिस ने ईलू को पकड़ लिया। साथ ही सुंदर का प्रवेश पत्र भी जब्त कर लिया। चूंकि ईलू की उम्र कम होने से उसका प्रकरण किशोर न्यायालय में भेजा गया। वहीं सुंदर के विरुद्ध केस दर्ज कर दोनों की हैंड राइटिंग परीक्षण के लिए भोपाल भेजी गई। रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई की।

न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता ने इस मामले में सुंदर सिंह को दोषी पाते हुए उसे पांच साल के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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