गांधी मार्केट पर आयोजित धरना प्रदर्शन में उपस्थित कांग्रेसी।
गोवा, मणिपुर और बिहार में क्यों नहीं हुआ
धरना प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ.राधेश्याम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार कर्नाटक में राज्यपाल ने सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया था। उसी प्रकार गाेवा, मणिपुर में कांग्रेस ने सबसे अधिक सीट जीती थी। वहीं बिहार में राजद चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई थी। उसको संविधान के अनुसार सरकार बनाने का मौका क्यों नहीं दिया गया। स्पष्ट है भाजपा हर मामले में अपना चलाना चाहती है। चित भी इनकी, पट भी इनकी। कर्नाटक के राज्यपाल अगर भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं तो राष्ट्रपति से हमारी मांग है कि इन तीन राज्यों में पिछले दरवाजे से बनी सरकार को बर्खास्त करने का निर्देश देकर गोवा, मणिपुर और बिहार की सबसे बड़ी पार्टी को मौका मिलना चाहिए। लोकतंत्र में एक जैसे मामले में दो मापदंड नहीं होने चाहिए। इसी क्रम में कांग्रेस नेता मनोज दैपुरिया ने ने भाजपा पर कर्नाटक में हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बिहार राज्य में चुनाव बाद गठबंधन को निमंत्रण देकर सरकार बनवाई जा सकती है तो कर्नाटक में क्यों नहीं। देश में एक ही संविधान है, लेकिन भाजपा ने उसका मजाक बना दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस के युवा नेता आशुतोष शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक खेल के लिए दो अलग-अलग नियमों का उपयोग नहीं कर सकती है। बीजेपी, केंद्र सरकार और उनके राज्यपालों का देश के सामने असली चेहरा उजागर हो गया है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना केंद्र सरकार का कर्तव्य होना चाहिए, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष में बैठे होने के बाद भी कांग्रेस को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा केंद्र सरकार से करनी पड़ रही है।
प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के बाद सभी कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गांधी मार्केट पर तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर। कर्नाटक के राज्यपाल को हटाने की मांग की। वहीं कांग्रेस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग की। इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर रामप्रकाश यादव, डॉ.शांतिस्वरूप शाक्य, रहीस खान, संतोष त्रिपाठी, रेखा भदौरिया, विनोद पंडित, भगवानदास, दिवाकर, कमलेश जाटव, संजय यादव, अनिल कटारे, दीप चंद्र तिवारी, प्रदीप जैन, डॉ. अरविंद शर्मा, अरविंद सोनी, अशोक गुप्ता, शांताकुमार शुक्ला, देवेंद्र, योगेंद्र, इंजीनियर सिद्धार्थ जैन, किरण भाई, बुद्धसिंह आदि उपस्थित रहे।
सद्बुद्धि के लिए की प्रार्थना
धरने पर बैठे कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भगवान से लोकतंत्र की रक्षा, भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की। साथ ही कर्नाटक के राज्यपाल को हटाने के लिए राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया। इस दौरान गांधी मार्केट पर धरना प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश दुबे ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस के पास बहुमत से भी ज्यादा 118 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद उनको राजपाल की ओर से सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया गया, वहीं भाजपा के पास मात्र 104 सीटें हैं और भाजपा के विधायक को मुख्यमंत्री की शपथ दिला दी गई। यह देश के संविधान को नष्ट करने की साजिश है। बीजेपी सत्ता में है और इसलिए वो सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। ये लोकतंत्र पर हमला है। वहीं कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन को पूर्ण बहुमत होने एवं भाजपा की कम सीट होने के बावजूद शपथ ग्रहण कराए जाने का निर्णय अलोकतांत्रिक और गैरकानूनी है। कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी को 38 प्रतिशत मत एवं भाजपा को 36 प्रतिशत मत मिला है। लेकिन जिस प्रकार सरकार बनाने और खरीद-फरोख्त को खुलेआम अंजाम दिया गया, उसे पूरा देश देख रहा है। यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लोकतंत्र से विश्वास खत्म हो चुका है। भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का विपक्षियों के खिलाफ अनैतिक इस्तेमाल करने में लगी हुई है। लोकतंत्र का गला घोंटकर संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।