मूल निवासी को ही मिलेगा कल्याणी योजना का लाभ
प्रदेश सहित जिले में कल्याणी के विवाह पर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना में दो लाख रुपए देगी। यह राशि उसी सूरत में मिलेगी, जब विवाह प्रदेश के मूल निवासी व्यक्ति से होगा। साथ ही विवाह के समय कल्याणी न्यूनतम आयु 18 वर्ष या अधिक हो व कल्याणी के पति की आयु 21 वर्ष या अधिक हो। कल्याणी आयकरदाता न हो। कल्याणी शासकीय कर्मचारी और अधिकारी न हो।
कल्याणी को परिवार पेंशन प्राप्त न हो रही हो। वहीं योजनांतर्गत बीपीएल का बंधन नहीं है। कल्याणी का जिस व्यक्ति से विवाह हुआ है। उस व्यक्ति की जीवित प|ी नहीं होनी चाहिए। कल्याणी विवाह सहायता योजना का लाभ मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाय योजना एवं निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा। सामाजिक न्याय विभाग ने मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना के नियम जारी कर लागू कर दिए हैं।
योजना
प्रदेश सहित जिले में कल्याणी के विवाह पर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना में दो लाख रुपए देगी
दिव्यांग कल्याणी और दिव्यांग पति को मिलेगा लाभ
गौरतलब है कि कल्याणी का मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाय योजना के सामूहिक विवाह में विवाह उत्पन्न होता है, तो उस दशा में केवल कल्याणी विवाह योजना का ही लाभ देय होगा। यदि कल्याणी स्वयं दिव्यांग है। कल्याणी का पति दिव्यांग है अथवा दोनों दंपत्ति दिव्यांग हो तो उस दशा में केवल कल्याणी विवाह सहायता का ही लाभ देय होगा। कल्याणी विवाह योजना के लिए सामूहिक विवाह में विवाह करने का बंधन नहीं होगा। एकल विवाह भी मान्य होंगे। कल्याणी के नाबालिग बच्चे होने पर बच्चे के पालन पोषण की जवाबदारी संयुक्त रूप से कल्याणी व उसके पति की होगी। विवाह होने की तिथि से एक वर्ष अंदर आवेदन करने पर ही मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना का लाभ दिया जाएगा। विवाह होने के एक वर्ष बाद प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र मान्य नहीं होंगे।
सात साल बाद वसूली जाएगी राशि
कलेक्टर इलैया राजा टी ने बताया कि कल्याणी के विवाह बाद सात वर्ष के भीतर विवाह विच्छेद होने पर दी गई सहायता राशि कल्याणी से वसूल की जाएगी। कल्याणी का विवाह पंजीयन व सहायता राशि का भुगतान उसी जिले से किया जाएगा, जिस जिले में विवाह सम्पन्न हुआ हो। भले ही कल्याणी प्रदेश के किसी भी अन्य जिले की निवासी हो। कल्याणी विवाह सहायता योजना का लाभ सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग के आदेश 6 अप्रैल से सम्पन्न हुए विवाह के लिए ही दिया जाएगा। इस आदेश के पूर्व के विवाह योजनांतर्गत मान्य नहीं होंगे।