धर्म... आत्मा-जन्म मरण से रहित है: विनम्र सागर
भिंड | आत्मा जन्म मरण से रहित है। जिसने कर्मों को समाप्त कर दिया है। ऐसी आत्मा जन्म मरण से रहित है। यह बात जैन संत विनम्र सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं से कही। उन्होंने कहा कि प्राणों को अपना जन्म है और प्राणों का जाना मृत्यु है। जन्म मरण का नाम ही संसार है। उन्होंने कहा कि संसार में सभी जीव मरणशील है। 84 लाख योनियों में मनुष्य शरीर ही ऐसा है। इससे जीव इस जन्म-मरण रूपी सागर से पार पा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर नहीं आत्मा है। आत्मा जन्म मरण से रहित है। अत: अंतःकरण शुद्ध करो। धर्मपूर्वक जीवन जीयो तथा परलोक का भी चिंतन करो।