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शहर में 100 कॉलोनियां अवैध, नपा रिकॉर्ड में 45, सिर्फ 35 को वैध करने की प्रक्रिया शुरू

3 वर्ष पहले
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भिंड की अवैध कुशवाह कॉलोनी, इसी तरह की 45 कॉलोनियां है अवैध।

शहर में सूचीबद्ध से तीन गुना अधिक हैं अवैध कॉलोनियां

नगर पालिका रिकाॅर्ड में अवैध काॅलोनियों की सूची में जोशी नगर, कुशवाह काॅलोनी, हरियल बाग, एसएएफ के सामने, गोविंदनगर, यादव काॅलोनी, ओझा काॅलोनी, श्रीकृष्ण नगर, भट्‌टा काॅलोनी, खंडेलवाल नगर, मातादीन का पुरा, बघेल काॅलोनी, अग्रवाल काॅलोनी भाग एक व भाग दो, डाक बंगला काॅलोनी, विक्रमपुरा, देवीदयाल काॅलोनी, उर्मिला काॅलोनी, तुलसी नगर, कुम्हरौआ, सुरेंद्र प्रताप नगर, यदुनाथ नगर, सीतानगर, भीमनगर, रेखा नगर, मीरा काॅलोनी, सेंथिया काॅलोनी, शिव सदन काॅलोनी, चौबे वाली गली, अरविंद नगर, विजय नगर, विनोद नगर, भदौरिया नगर, राममूर्ति काॅलोनी, नबादा बाग, चंदनपुरा, शिवाजी नगर शामिल हैं जबकि अवैध काॅॅॅॅॅॅॅलोनियों की संख्या इनसे तीन गुनी अधिक है।

अवैध कॉलोनियांे का सर्वे करने जल संसाधन विभाग से मांगे इंजीनियर

दूसरी ओर अवैध काॅलोनियों की पड़ताल कराए जाने के लिए नगर पालिका ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखा है। इसके जबाव में मात्र 16 इंजीनियरों की सूची मिली है जबकि इस कार्य के लिए प्रत्येक वार्ड में एक- एक तकनीकी अधिकारी की तैनाती की गई तो 39 की जरूरत होगी। अब पुन: पत्राचार किया जाएगा तब सूची आएगी तब दल गठित हो सकेंगे। इस कार्य में राजस्व विभाग का अमला भी तैनात किया जाएगा।

यह है कॉलोनी वैध करने का नियम

यहां बता दें कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 तक बनी सभी अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने की घोषणा की है। इसके तहत कॉलोनाइजर को कॉलोनी वैध कराने के लिए नाली और सड़क के निर्माण खर्च होने वाली राशि का कुछ हिस्सा देना होगा। शेष विकास कार्यों पर खर्च होने वाली राशि सरकार मुख्यमंत्री अधोसंरचना के तहत खर्च करेगी। लेकिन भिंड कॉलोनाइजर हीं नहीं होने से अब नगरपालिका खुद ही कॉलोनी को वैध करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजेगी।

अधूरे विकास कार्यों से बढ़ी काॅलोनीवासियों की परेशानी

डायवर्सन रोड से सटे राजपूत नगर में खेतों में भवन बना लेने के बाद विकास कार्य तब कराए गए जब कई भवन भराव होते-होते नीचे धंस गए। कहीं सड़क बनवाई गई तो कहीं नाली का निर्माण कराया गया। इसके बाद इनका पानी नाली में न पहुंचने के हालात बने। स्थानीय निवासी आरएस चौहान ने बताया उन्होंने भवन निर्माण के लिए बैंक में आवेदन किया लेकिन बैंक ने उनके इलाके का डायवर्सन न होने से ऋण स्वीकृत नहीं किया।

कॉलोनाइजर तो आए नहीं, हम खुद कर रहे हैं कार्रवाई

हमने नगरपालिका में सूचीबद्ध 37 अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। किसी की कोई दावे आपत्ति नहीं आई है। अन्य अवैध कॉलोनियों को भी वैध कराने के लिए कोई कॉलोनाइजर नहीं आया है। ऐसे में अब हम खुद ही इन कॉलोनियों में क्या क्या कार्य होने हैं उसके लिए सर्वे कराएंगे। इसके बाद उन्हें वैध किए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेंगे। - जेएन पारा, सीएमओ भिंड

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