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ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड से पढ़ेंगे बच्चे, हाईटेक होंगी कक्षाएं

3 वर्ष पहले
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कन्या मिडिल स्कूल लहार में छात्रों को ड्राइंग कराते शिक्षक।

शैक्षणिक दक्षता में होगा सुधार

छात्रों को उच्च शिक्षा के साथ उनके व्यक्तित्व का विकास करने के लिए सर्किल के सरकारी शिक्षकों को जॉय फोर लर्निंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूलों में शैक्षणिक दक्षता सुधारने के उद्देश्य से अप्रैल व जून के महीने में शिक्षकों को नई सोच व उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने को लेकर स्कूलों में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। बीआरसीसी श्री दीवोलिया ने सरकारी स्कूलों को इनोवेटिव करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। जिससे छात्रों में सरकारी स्कूलों की शिक्षा का बेहतर असर देखने को मिल सके। इसी उद्देश्य के साथ विभाग के अधिकारी काम में जुटे हुए हैं।

यह स्कूल होंगे हाईटेक

शिक्षा विभाग की मंशा के अनुसार प्रारंभिक स्थिति में अच्छे स्कूलों में जहां बिजली की व्यवस्था है। वहां स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे। सबसे पहले लहार के कन्या मिडिल स्कूल में स्मार्ट क्लास शुरू की जाएगी। इसके साथ ही सर्किल में शाला सिद्धिकी के छह मिडिल व छह प्राइमरी को लिया गया है। जिनमें सरकारी प्राथमिक स्कूल अखदेवा, कन्या मिडिल स्कूल लहार, प्राथमिक स्कूल लोहार का पुरा, प्राइमरी कन्या दबोह, मिडिल कन्या दबोह, माध्यमिक विद्यालय दबोह को शामिल किया गया है। इन स्कूलों में डिजिटल बोर्ड से प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए शिक्षकों को जल्द ही टेक्नीकल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।

रावतपुरा के स्कूल मॉडल होंगे

रावतपुरा सर्किल के सरकारी स्कूलों को मॉडल बनाने की तैयारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शुरू कर दी है। बीईओ और बीआरसीसी द्वारा लगातार रावतपुरा के सरकारी प्राथमिक व मिडिल स्कूल के साथ टोला हायर सेकंडरी स्कूल को मॉडल विकसित किया जा रहा है। जिसमें इनोवेशन, साफ सफाई, रंगाई पुताई के साथ अन्य सुविधाएं छात्रों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी। इतना ही नहीं क्षेत्र के शिक्षक व टीचरों को स्कूलों का भ्रमण कराकर इनोवेशन किया जाएगा। स्कूलों को मॉडलिंग का काम सोमवार से शुरू प्रारंभ किया जाएगा।

खुलेंगी कम्प्यूटर प्रयोगशाला

हाईस्कूल व हायर सेकंडरी कक्षाओं में बंद पड़ी कम्प्यूटर प्रयोगशालाओं को जल्द ही खुलवाया जाएगा। शिक्षा विभाग अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर का प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों के अभाव में बच्चों को कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। जबकि ज्यादातर स्कूलों में कम्प्यूटर लैब बनाई गई हैं, मगर यहां पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। मगर शिक्षा विभाग अब छात्रों को कम्प्यूटर का ज्ञान देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सभी स्कूलों में एक-एक शिक्षक कम्प्यूटर के लिए नियुक्त किया जाएगा।

जनशिक्षक केंद्रों में प्रोजेक्टर

लहार क्षेत्र में जनशिक्षक केंद्रों में भी अब स्मार्ट प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे। इसके लिए डीईओ द्वारा बजट का प्रावधान किया गया है। साथ ही नवाचारों से शिक्षकों को परिचय कराने का प्रयास किया जाए। बीआरसीसी श्री दीवोलिया ने बताया वर्तमान में केवल बीआरसीसी कार्यालय में प्रोजेक्टर लगा हुआ है। लेकिन अब जन शिक्षा केंद्रों में भी प्रोजेक्टर लगाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण कार्य दिया जाएगा। बता दें कि फिलहाल जॉय फोर लर्निंग के माध्यम से शिक्षकों को दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

छात्रों में होगा शिक्षा का विकास

स्मार्ट बोर्ड का प्रावधान संकुल के चिन्हित स्कूलों में किया जा रहा है। जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान कर प्राइवेट स्कूलों की तरह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा। -पीके दीवोलिया, बीआरसीसी, लहार

योजना जल्द शुरू की जाएगी

स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाने की योजना शासन द्वारा मंजूरी मिलने के बाद शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि दो माह बाद यह सुविधा चिन्हित स्कूलों को मिल सकेगी। -कप्तान सिंह कुशवाह, बीईओ, लहार

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