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मुस्लिम समुदाय भी चाहता है राम मंदिर बने लेकिन शांति व न्याय के साथ: विराग सागर

3 वर्ष पहले
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बताशा बाजार स्थित ऋषभ सत्संग भवन में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते विराग सागर महाराज।

न्याय का पालन करना ही अहिंसा है

चर्चा के दौरान विराग सागर महाराज ने कहा कि अहिंसा चार प्रकार ही होती है। लेकिन लोगों को अगर अहिंसा को समझाना है तो उसके लिए लोग न्याय का पालन करें वहीं अहिंसा है। कानून के विरोध में चलना हिंसा है। इसीलिए देश के प्रत्येक व्यक्ति को अहिंसा का मार्ग अपनाकर देश भक्त बनना चाहिए।

धर्मसभा में शामिल हुए सैकड़ों श्रद्धालु

शहर के बताशा बाजार स्थित ऋषभ सत्संग भवन परिसर में रविवार को आयोजित धर्मसभा में सैकड़ों की संख्या में जैन समुदाय के श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान विराग सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि संसार का प्राणी तरह तरह के पापों मे आकर डूबा है। सब कुछ प्रत्यक्ष देख रहा है फिर भी उसके जीवन मे बदलाव नहीं आता। व्यक्ति उपदेशों को सुनकर कानों तक रखता है हृदय तक नहीं पहुंचा पाता। यही कारण है कि उसके जीवन मे अनवरत् पाप होते रहते है। हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांचों के सात महापाप है। गरीबी मे रहना अच्छा है। लेकिन जुआ खेलना अच्छी बात नहीं है। मांस भक्षण भी व्यसन है और शराब जीवन को करती है। खराब सारी सम्मान प्रतिष्ठा को गिराती है। शराब पीने से सारा हरा-भरा परिवार नष्ट हो जाता है और वेश्या व्यसन से एड्स जैसे बड़े बड़े रोग हो जाते हैं। मरना अच्छा है, लेकिन ऐसे व्यसनों मे फंसना अच्छी बात नहींं है। अगला व्यसन है चोरी। ध्यान रखना, चोर कभी लखपति या करोड़पति नहीं देखा गया, कभी राजा बनते नहीं देखा गया तथा शिकार खेलने वाला सदैव भयभीत रहता है। इन सप्त व्यसनों को करने वाला न इस लोक मे न परलोक मे सुखी रह पाता है क्योंकि आज रक्षक ही भक्षक बना बैठा है। ये सभी व्यसन दुख देने वाले है इन व्यसनों को करने वाला आज तक सुखी नहीं हुआ न कभी होगा। वे प्राणी धन्य है जो अपनी तरह ही दूसरों के कष्टों को समझते है जिनके अंदर करूणा, दया होगी वह कभी किसी का अहित नही चाहेगा। इस मौके पर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, प्रभाष जैन, कृष्णकांता तोमर, रविसेन जैन, सुनील जैन, मनोज जैन, सुभाष जैन, राकेश जैन, अशोक महामाया, अशोक बिजपुरी, विनोद जैन, आनंद सहारा, सुमेर चन्द जैन, अनिल जैन, ज्ञान चन्द जैन, धर्मचंद जैन, नरेश जैन, सुरेश चन्द जैन, देवेन्द्र कुमार जैन, संजीव जैन, दिनेश जैन, अशोक कक्का, शादीलाल जैन, विनीता जैन, सुलेखा जैन, गीता जैन, अनीता जैन, मंजू जैन, संगीता जैन, नीलम जैन, सीमा जैन, दीपा जैन, वंदना जैन, सुशीला जैन आदि महिला, पुरुष एवं बच्चे बढ़ी संख्या मे उपस्थित रहे।

मंगल विहार 18 अप्रैल को

विराग सागर महाराज 18 अप्रैल को शहर से बरासों के लिए मंगल विहार करेंगे। यह जानकारी मनोज जैन ने दी। उन्होंने बताया कि महाराज का विहार दोपहर 3 बजे होगा। अतिशय क्षेत्र बरासों में 22 अप्रैल से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन गणाचार्य विराग सागर महाराज के ससंघ 92 पिच्छियों के सानिध्य में 27 अप्रैल तक आयोजित होगा।

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