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डाकघर में 97 लाख का घोटाला उजागर, फोरेंसिक जांच के बाद सीबीआई को भेजा जाएगा मामला

3 वर्ष पहले
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भिंड के प्रधान डाकघर कार्यालय में कार्य करते कर्मचारी।

घोटाले के बाद एजेंट व उसके परिवार का पता नहीं, पहले से निलंबित चल रहे हैं दो पोस्ट मास्टर

इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार बेबी रमेशचंद्र जैन का पूरा परिवार जिले से फरार चल रहा है। चूंकि जांच पूरी न होने की वजह से विभाग द्वारा अब तक उसके संबंध में कोई रिपोर्ट पुलिस में नहीं की गई है, जिससे उसका कोई पता नहीं चल रहा है। वहीं उसके मकान पर तमाम खाताधारकों ने अपना कब्जा जमाने के लिए ताले लटका दिए हैं। जबकि इसी मामले में गल्ला मंडी और हाउसिंग कॉलोनी डाकघर के दो पोस्ट मास्टर पहले से ही निलंबित चल रहे हैं।

शिकायतकर्ताओं के पास नहीं हैं प्रमाण, दस्तावेज भेजे जाएंगे फोरेंसिक लेब

भिंड डाक विभाग में हुए घोटाले की जांच पूरी हो गई है। अब तक 97 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। अधिकांश शिकायतकर्ताओं के पास कोई प्रमाण नहीं हंै। इसलिए अब जांच के लिए दस्तावेज फोरेंसिक लेब भेजे जा रहे हैं। - एसके पांडेय, अधीक्षक प्रधान डाकघर मुरैना

जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाएगा मामला

डाकघर घोटाले में शुरू से ही सीबीआई जांच की बात की जा रही थी। लेकिन घोटाले की राशि तय न होने की वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब 97 लाख रुपए से अधिक की राशि का घोटाला सामने आने से सीबीआई जांच की बात को बल मिल रहा है। हालांकि विभाग के अफसर भी यह बात स्पष्ट रूप से कहने से बच रहे हैं। लेकिन यहां बता दें कि केंद्र सरकार के विभागों में 10 लाख रुपए से अधिक की गड़बड़ी सामने आने पर सीबीआई जांच करती है। जबकि भिंड के डाक विभाग में 97 लाख रुपए गड़बड़ी विभागीय जांच में सामने आ गई है। ऐसे में विभाग मामला सीबीआई को देने से पहले पूरी तरह से पुख्ता प्रमाण जुटाने में लगा हुआ है।

फोरेंसिक लैबोरेटरी भेजेंगे दस्तावेज

डाक विभाग के अधीक्षक पांडेय ने बताया कि चूंकि इस मामले में अब तक शिकायतकर्ता अपनी ओर से पैसा जमा करने और एजेंट द्वारा निकाले जाने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं। ऐसे में अब विभागीय विड्राल फार्म, नमूना हस्ताक्षर और शिकायतकर्ताओं के हस्ताक्षर मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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