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वार्डों में कचरा उठाने के लिए तीन दिन में सिर्फ एक बार ही आता है नपा का वाहन

3 वर्ष पहले
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नगर पालिका ने वर्ष 016 में शहर के सभी 39 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन योजना शुरू की थी। इसके लिए नपा ने 46 लाख रुपए की लागत से 12 छोटे लोडिंग वाहन खरीदे थे। साथ ही साल 2017 में करीब 10 लाख रुपए की लागत से 14 लोडिंग वाहन खरीदे गए थे। इन वाहनों के ड्राइवरों को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए दिन में दो बार काॅलोनियों में जाने के निर्देश नगर पालिका अध्यक्ष दिए थे। लेकिन पिछले एक महीने से शहर के अधिकांश वार्डों में यह वाहन तीन दिन में सिर्फ एक बार डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के लिए आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोग वार्डों में रखे डस्टबिन में कचरा फेंक रहे हैं। लेकिन वे भी कचरे से भर चुके हैं। इस कारण से लोगों को खाली प्लाट और सड़क के किनारे कचरा फेंकना पड़ रहा है। वहीं समाजसेवियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पर लाखों खर्च कर मंगाई गाड़ियों के बाद भी शहर गंदा ही दिखाई दे रहा है। जिस पर नपा के जनप्रतिनिधि और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

शहर के वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करता वाहन।

कॉलोनियों में रखे डस्टबिन से रोज कचरा नहीं किया जा रहा खाली, लोग परेशान

स्वच्छता अभियान के दौरान नगर पालिका द्वारा कालोनियों में एक स्थान पर कचरा एकत्रित करने के लिए 100 लोहे के डस्टबिन खरीदे गए थे। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि डोर टू डोर कचरा लेने के लिए गाड़ी नहीं आने से लोग डस्टबिन में कचरा फेंक रहे हैं। जिससे वे भर चुके हैं। इस कारण से वहां पर 24 घंटे बदबू दौड़ रही है। इससे बचने के लिए कई कालोनियों मेंं लोगों द्वारा कचरे का डस्टबिन के अंदर ही जलाया जा रहा है। सीएमओ जेएन पारा की ओर से डस्टबिन से नियमित कचरा उठान के लिए सभी सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। लेकिन सफाई कर्मचारी उसके बाद भी निर्देश का पालन करते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं।

नपा ने 32 लाख में खरीदे थे ई-रिक्शा, अब दिखाई भी नहीं देते

स्वच्छता अभियान के तहत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए नगर पालिका ने 22 लोडिंग वाहनों के अलावा कालोनियों की सकरी गलियों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने के लिए 30 ई-रिक्शा 32 लाख रुपए की लागत से खरीदे थे। लेकिन स्थिति यह है कि यह रिक्शा अधिकांश कॉलोनियों में अभी तक दिखाई नहीं दिए हैं।

शहर में सफाई पर 8 करोड़ खर्च

शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था पर नगर पालिका हर साल 8 करोड़ रुपए खर्च कर रही है, उस व्यवस्था का लाभ शहर के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। शहर का कचरा नगरपालिका के कर्मचारी यहां-वहां फेंक रहे हैं।

वार्ड दरोगाओं को तलब किया जाएगा

दो-तीन से वार्डों में गाड़ियांं कचरा लेने के लिए नहीं जा रही हैं। क्योंकि कुछ ड्राइवर अवकाश पर थे। लेकिन एक महीने से डोर टू डोर गाड़ियां कालोनियों में नहीं जा रही हैं। यह गंभीर बात। लेकिन मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो मैं वार्ड सफाई दरोगा को तबल करूंगी। साथ ही कचरे के उठाव के निर्देश दिए जाएंगे। कलावती मिहोलिया, नपाध्यक्ष, भिंड

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