भिंड | जिले के ग्राम खेरा में स्थित धरमूबाबा आश्रम चल रही भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार को पंडित देवनारायण शास्त्री ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। जिसको सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को सुदामा के चरित्र से सीख लेनी चाहिए कि कितनी भी परेशानी होने पर अपने सगे संबंधियों को कभी अपने घर परिवार की माली हालत को नहीं बताना चाहिए, बल्कि दूसरे के सामने हमेशा प्रसन्न चित्त रहकर प्रभू की आराधना में समय व्यतीत करना चाहिए। साथ ही समय मिलने पर प्रतिदिन ईश्वर भक्ति में समय लगाना चाहिए। ऐसा करके ही हम भगवान श्रीकृष्ण के करीब पहुंच सकते हैं।