भ्रूण हत्या करने वाले को जिनेंद्र प्रभु की पूजा का हक नहीं
बेटी माता-पिता के लिए भार नहीं उपहार है। वहीं भ्रूण हत्या किसी महापाप से कम नहीं हैं। आज भ्रूण हत्या का कारण ना समझी ज्ञान की कमी है। लोग लड़की को बोझ समझते है, बचपन से पढ़ाया लिखाया बड़ा किया और शादी करके उसको ससुराल भेज दिया। उसके बाद माता-पिता लड़की को पराई समझने लगते हैं। प्रत्येक व्यक्ति का अपना भाग्य होता है, बेटी का भी अपना भाग्य होता है, कई समाचार पढ़ने में आते हैं कि भूकंप आया सारा परिवार दब गया और लड़की बच गई।
आज हम देखते हैं कि लड़कियां बड़े-बड़े पदों पर पदस्थ होकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। इसके बाद भी लड़कियों काे भार समझा जा रहा है। यह वचन शुक्रवार को ऋषभ सत्संग भवन में आयोजित धर्मसभा में संत विराग सागर महाराज ने कही।
धर्मसभा
सकल जैन समाज द्वारा शुक्रवार को ऋषभ सत्संग भवन में धर्मसभा का किया गया आयोजन
धर्म सभा में विराग सागर बोले- बेटी माता-पिता के लिए भार नहीं उपहार है
उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या करने वाला भगवान के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में बैठने आहर देने का अधिकारी नहीं होता है। मेरा कहना है कि बेटी को बचाओ और पढ़ाओ। बेटियों में भेदभाव करना छोड़ दो। वहीं जो महिलाएं गर्भ गिरातीं हैं तो उनको जिनेंद्र प्रभु की पूजा करने का कोई अधिकार नहीं है। वे गुरुओं को आहार दान नहीं दे सकती हैं। यह तो बहुत बढ़ा पाप है। आचार्यश्री ने आगे कहा कि जिस मां के अंदर प्रेम वात्सल्य होता है। वे कभी ऐसे दुष्कर्म नहीं करती क्योंकि मां को ममता की मूर्ति कहा जाता है, पुत्र तो कुपुत्र हो सकता है। लेकिन माता कुमाता नहीं होती। ऐसा अपना प्राचीन इतिहास रहा है, कि किसी भी मां ने आज तक अपने पुत्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया बेटा भले ही अपंग क्यों न हो फिर भी उसका लालन पालन किया जिंदगी भर उसकी रक्षा करती है। उसे अपने कलेजे का टुकड़ा मानती है। आज हमारी संस्कृति कितनी गिरती जा रही है। लोगों के विचारों मे कितना बदलाव आ गया है। ऐसा पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण हो रहा है। इस मौके पर इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रविसेन जैन, मनोज जैन, अशोक महामाया, नरेश जैन, महेश जैन, पदम जैन, राकेश जैन, महेन्द्र जैन, जिनेन्द्र जैन, मनीष जैन, विनोद जैन, एम.के जैन, प्रभाष जैन, सुमेर जैन, निर्मल चन्द जैन, रॉबिन जैन, सुरेश जैन, संजीव जैन, दिलीप जैन, रविप्रकाश जैन, सुभाष जैन, वीरसेन जैन, अशोक जैन, निशा जैन, बबिता जैन, संगीता जैन, हेमा जैन, नीलम जैन, रेनू जैन, प्रीती जैन, सीमा जैन, सुनीता जैन, मीता जैन, संजू जैन, रेखा जैन, मधु जैन, ममता जैन, रागनी जैन, अल्का जैन, पूनम जैन, मीनू जैन, डॉली जैन, वंदना जैन, दीपा जैन आदि लोग उपस्थित रहे।
पढ़गाहन के बाद हुई आहारचर्या
धर्मसभा कार्यक्रम के अंत में सकल जैन समाज द्वारा पढ़गाहन व्यवस्था की गई। इस दौरान संत विराग सागर का नियम मिला तो उन्होंने विमल जैन बंगला बाजार में के यहां पर भोजन प्राप्त करने के बाद विराग सागर महाराज ने परिजन को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर जैन संत भी उपस्थित रहे।