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ऊमरी के रहने वाले और दतिया में पदस्थ सिपाही ने गोली मार कर की आत्महत्या

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | दतिया/भिंड

एसएएफ की 29 वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक किशन सिंह ने शनिवार को सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आरक्षक किशन ने स्वैच्छिक सेवानिवृति (वीआरएस) के लिए एक दिन पहले शुक्रवार को ही कमांडेंट सविता सुहाने को आवेदन दिया था। कमांडेंट ने उसकी सुनवाई के लिए आरक्षक को मंगलवार को बुलाया था। लेकिन इससे पहले ही उसने शनिवार की सुबह करीब पौने 12 बजे सुसाइड कर ली। किशन ने वीआरएस का यह आवेदन एक माह पहले लिखा था। इस आवेदन में वीआरएस लेने का कारण बताते हुए उसने लिखा था कि पारिवारिक रूप से परेशान हूं, अब नौकरी नहीं करना। चूंकि वीआरएस के आवेदनों पर सप्ताह में मंगलवार और शुक्रवार को ही सुनवाई होती है। इसलिए उसे मंगलवार का समय दिया गया था। चूंकि किशन को वीआरएस 31 अगस्त 2018 से लेना था। नियमानुसार जब से वीआरएस लेना होता है,उसके तीन माह पहले आवेदन करना होता है। मालूम हो कि आरक्षक भिंड जिले के ऊमरी का रहने वाला था।

अारक्षक ने कहा था- मैं परेशान हूं, अब नौकरी नहीं कर सकता

एसएएफ के सिपाही ने 7 माह पहले भी की थी सुसाइड की कोशिश

आरक्षक की खुदकुशी के बाद जांच पड़ताल करते पुलिस अफसर।

कमरे में अकेला था आरक्षक, बाहर साथी खाना खा रहे थे, तभी खुद को मारी गोली

29वीं बटालियन में मैन गेट से करीब चार किमी दूर मैग्जीन गार्ड है। यहां हमेशा तीन-एक का गार्ड तैनात रहता है। मैग्जीन गार्ड के सामने ही गार्ड रूम बना है। गार्ड ड्यूटी देने वाले जवान सामने बने गार्डरूम में ही विश्राम करते हैं। शनिवार को सुबह प्रधान आरक्षक कालीचरण पाल, अशोक कुमार प्रजापति, किशन कुशवाहा और संदीप शर्मा ड्यूटी पर थे। शनिवार को सुबह सात बजे रोटेशन ड्यूटी चेंज होने पर चारों मौजूद थे। निरीक्षण के लिए कमांडेंट सविता सुहाने भी मैग्जीन गार्ड रूम पर पहुंचीं तो किशन ने उन्हें सलामी दी। कमांडेंट ने सलामी का जवाब दिया। इसके बाद वे चंद सेकंड रुकने के बाद चली गईं। ड्यूटी खत्म होने पर किशन गार्ड रूम में अपनी खटिया पर जाकर लेट गया और वहीं पर गोली मार ली।

2017 में भी की थी सुसाइड की कोशिश

29वीं बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ किशन सिंह नवंबर 2017 में भी रायफल से गोली मारने का प्रयास कर चुका है। कमांडेंट सुहाने ने बताया कि पिछले साल उसने रायफल लोड कर ली थी लेकिन एनवक्त पर साथी जवानों ने उसे आत्महत्या का प्रयास करते देख लिया था, इस कारण तत्काल रायफल छीन ली थी। जब इस मामले की जांच हुई तो उसमें आरक्षक ने बताया कि पारिवारिक कलह की वजह से वह ऐसा करने पर मजबूर हुआ था। ठीक सात महीने बाद उसने आत्महत्या कर ली।

सुनवाई से पहले ही कर लिया सुसाइड

आरक्षक किशन ने सुबह 11.40 बजे खुद को गोली मार दी। उसने एक दिन पहले ही वीआरएस के लिए आवेदन दिया था और मंगलवार को उसकी सुनवाई होना थी कि आखिर वीआरएस क्यों लेना चाहता है। लेकिन इससे पहले ही उसने सुसाइड कर लिया। सविता सुहाने, कमांडेंट, 29वीं बटालियन, दतिया

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