आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ब्लॉक स्तर पर आवासीय प्रशिक्षण कल से
जालोर | जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच ब्लॉक के चयनित 78 गांवों में समेकित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इससे पूर्व आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि कुपोषण बच्चों की स्क्रीनिंग कर उनका उपचार किया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल बिश्नोई ने यह जानकारी दी।
बताया कि जिले को कुपोषण मुक्त कराने के लिए सरकार के इस कार्यक्रम के तहत कुपोषण ग्रस्त बच्चों की स्क्रीनिंग करवाकर उपचार किया जाएगा। सांचौर ब्लॉक के 17, जसवंतपुरा के 13, भीनमाल ब्लॉक के 16, चितलवाना ब्लॉक के 18, रानीवाड़ा ब्लॉक के 14 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों की एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी को 22 से 29 मई तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्लॉक मुख्यालयों पर मंगलवार से आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू होगा। सांचौर ब्लॉक की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 22 से 25 मई तक ब्रह्मक्षत्रिय समाज गोमी खेण सेवा समिति के हॉल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। भीनमाल के चयनित गांवों की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को क्षेमंकरी माताजी मंदिर धर्मशाला में बीसीएमओ डॉ. जुगमलराम, बीएएफकल्याणदान, डॉ. महेंद्र कुमार व डॉ. साकेत सारस्वत की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। रानीवाड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित धर्मशाला में तथा जसवंतपुरा के चयनित गांवों की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 24 व 25 मई को प्रशिक्षण दिया जाएगा।