दांतिया गांव की सरपंच भगवत कंवर अक्सर हर सामाजिक सरोकार के कार्यों में आगे रहती है। हाल ही में उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता अभियान का संदेश देते हुए खुद के खर्च से 10 शौचालयों का निर्माण कराया। खास बात यह रही कि बीते दिनों गांव में मंदिर प्रतिष्ठा का बड़ा आयोजन था। इस महोत्सव में 15 हजार लोगों के आने की संभावना थी। इसी के चलते सरपंच ने खुद की ओर से 2 लाख रुपए खर्च कर 15 दिन में ही 10 शौचालयों का निर्माण करा दिया। शौचालयों का उद्घाटन भी उन्होंने खुद नहीं कर प्रतिष्ठा महोत्सव में आई महिलाओं के हाथों से ही कराया। सरपंच भगवत कंवर का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। इससे पहले भी सरपंच ने अनेक कार्य कराए हैं। इसके लिए उनको जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है। गौरतलब है कि दांतिया पंचायत जालोर जिले की पहली तीन ओडीएफ पंचायतों में से एक है।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए दांतिया गांव की सरपंच भगवत कंवर अक्सर सामाजिक सरोकार के कार्यों में आगे रहती है
गांव में बाढ़ आई तो घर में रखी गेहूं की बाेरियां भी पीडितों में बांट दी
पिछले साल बाढ़ के चलते गांव के कई परिवारों को खाने के लिए गेहूं की व्यवस्था तक नहीं हो पा रही थी। इस पर सरपंच ने अपने स्तर पर ही घर पर रखी बोरियां उन परिवारों में वितरित कर दी। इतना ही नहीं, बाढ़ के समय पीडितों को हर संभव मदद पहुंचाने में वे हमेशा तत्पर रही। सरपंच के पति महावीरसिंह खुद भी खेती करते हैं।
चार शहीदों के परिवारों को भी दी आर्थिक सहायता
सीमा पर देश की रक्षा के लिए शहीद हुए जवानों के परिवारों को भी सरपंच ने अपनी ओर से आर्थिक सहयोग दिया। उन्होंने जोधपुर संभाग के 4 शहीदों को 1 लाख 51 हजार का सहयोग प्रदान किया। साथ ही गांव में भी जरूरतमंद लोगों को वो आर्थिक मदद करती है। इसके अलावा गरीब तबके के बच्चों को निशुल्क अध्ययन का भी जिम्मा खुद उठाती है।
पूरे गांव में पेयजल व्यवस्था भी खुद के खर्च से
पूरे गांव में पीने की पेयजल व्यवस्था भी सरपंच अपने खुद के खर्च से उठाती है। खास बात यह कि गांव में पीने के पानी की समस्या का स्थाई समाधान भी करा दिया है। इसके लिए मोटर से लेकर पानी लाने की व्यवस्था भी खुद के स्तर पर ही करती है।
अपना वेतन भी वृद्धाश्रम में देती है
सरपंच भगवत कंवर अपना पूरा वेतन भी सामाजिक कार्यों में ही खर्च करती है। यानि, जो भी वेतन मिलता है वो वृद्धाश्रम में दान करती हैं। इसके साथ ही वे कई सामाजिक सरोकार के कार्यों से भी जुड़ी हैं।
खुद एमए, शिक्षा में भी सहयोग
सरपंच भगवत कंवर खुद भी एमए है, तो वे ग्रामीणों से भी उनके बच्चों को स्कूल भेजने और पढ़ाने-लिखाने को कहती है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी हर सहयोग के लिए आगे रहती है। बच्चों को निशुल्क ट्यूशन से लेकर शिक्षण सामग्री तक भी उपलब्ध कराती है।