िसतंबर तक नप क्षेत्र में जलापूर्ति भी पीएचईडी करेगा
भिवाड़ी में लोगों को जलापूर्ति का जिम्मा जलदाय विभाग, रीको और यूआईटी तीनों का है, लेकिन अमृत योजना के तहत चल रहे काम से लगता है कि भविष्य में जलदाय विभाग की जिम्मेदारी इस बिंदु पर बढ़ सकती है। विभाग अभी किल्लत वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है। हालात प भास्कर ने पीएचईडी अधिशासी अभियंता आरके यादव से बातचीत की।
प्रश्न : विभाग के पास पानी को लेकर कितनी जिम्मेदारी है ?
उत्तर : देखिए, हमारे पास अभी सेक्टर चार और सात को पानी देने की जिम्मेदारी है। यह अलवर बाइपास पर स्थित तीन ट्यूबवैल के माध्यम से पूरा कर देते हैं।
प्रश्न: जहां पानी खराब है वहां जलदाय विभाग क्या कर रहा है ?
उत्तर : एनजीटी के मैटर वाली जगह जहां पानी की क्वालिटी प्राब्लम थी। वहां टैंकर से पानी की सप्लाई शुरू करवा दी है। औद्योगिक क्षेत्र में 12 टैंकर लगाए गए हैं।
प्रश्न: अभी भविष्य को देखकर क्या योजना है ?
उत्तर : भिवाड़ी में 17.79 लाख की अमृत योजना एवं करीब 60 करोड़ रुपये की एनसीआरपीबी योजना में टंकियां, पाइप लाइन आदि कार्य हो रहे हैं। अमृत योजना अप्रैल 2019 व एनसीआरपीबी का प्रोजेक्ट सितंबर 2018 तक पूरा हाेने की उम्मीद है।
प्रश्न: विभाग का भिवाड़ी में दायरा बढ़ाने को लेकर क्या कहेंगे ?
उत्तर : अभी हम महज तीन फीसदी लोगों तक ही पानी पहुंचा रहे हैं। सितंबर तक हमें नगर परिषद क्षेत्र का जिम्मा भी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद हमारा दायरा और अधिक हो जाएगा।
प्रश्न: कितने कर्मचारी इस समय भिवाड़ी में काम कर रहे हैं ?
उत्तर : अभी हाल में भिवाड़ी की पेयजल व्यवस्था दो कर्मचारियों के भरोसे है। असल में यहां पर जलदाय विभाग का कार्यालय वर्ष 2014 में खुला। उस समय एईएन तिजारा में बैठते थे। काम बढ़ने के बाद संसाधन भी बढ़ जाएंगे।
प्रश्न : भिवाड़ी वासी आरओ के पानी पर निर्भर हैं। भूजल खराब हो गया है। एेसे में आमजन क्या करे। कैसे आरओ लगवाए?
उत्तर : यह बात सही है कि भिवाड़ी में कुछ जगह भूजल खराब है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं, लेकिन यह कहना कि पूरे भिवाड़ी क्षेत्र में भूजल स्तर खराब है। यह सही नहीं है। अलवर रोड पर पानी बिल्कुल ठीक है।
प्रश्न : अभी जो पानी काे लेकर काम चल रहे हैं उनकी क्या प्रोग्रेस है ?
उत्तर : अमृत योजना में चार ऊंची पानी की टंकियां बननी हैं। इनमें से दो पर काम शुरू हो चुका है। पाइप लाइन भी डल चुकी हैं। वहीं एनसीआरपीबी (नेशनल केपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड) में 16 ऊंची टंकी, 16 जमीन पर बनने वाली टंकी, पंप हाउस एवं पाइप लाइन का काम होना है।
भास्कर खास
आर.के. यादव
जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता ने कहा-भिवाड़ी में जलापूर्ति का दायरा बढ़ा रहा है विभाग