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सरसों की सफाई को लेकर मजदूर व किसानों के बीच विवाद बढ़ने पर 5 घंटे बंद रही खरीद
नई अनाज मंडी में सरसों के दाने और अवशेषों को लेकर किसानों और मजदूरों में विवाद बढ़ने पर सरसों की करीब पांच घंटे तक खरीद बंद रही। किसानों ने विरोध स्वरूप भिवानी-लोहारू मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। किसानों ने मौके पर मंडी में जायजा लेने पहुंचे अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव किया। मंडी में शेड्यूल के अनुसार शुक्रवार को गांव निमड़ीवाली, निनान, नाथुवास आदि गांवों के किसान सरसों लेकर पहुंचे। एजेंसी ने लगभग 8 किसानों की सरसों खरीदने के बाद खरीद प्रक्रिया को बंद कर दिया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से बंद हुई खरीद शाम 6 बजे शुरू हो पाई।
मंडी में सरसों की सफाई को लेकर कुछ किसानों व मजदूरों के बीच विवाद हो गया। किसानों का कहना था कि सरसों के अवशेषों में सरसों के दान शेष है। इन दोनों को निकाले जबकि मजदूरों का कहना था कि दाने नहीं है। इसको लेकर किसान व मजदूरों में विवाद हो गया और मजदूरों ने काम बंद कर दिया। मजदूरों के काम न करने पर एजेंसी भी सरसों की खरीद नहीं कर पाई। हैफेड मैनेजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मजदूरों के काम न करने पर खरीद बंद हुई थी। शाम को दोबारा से खरीद शुरू करवा दी गई है। एजेंसी भिवानी मंडी से अब तक चार हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 40 हजार बैग सरसों की खरीद कर चुकी है।
किसानों ने कहा कि उन्हें एजेंसी ने ही सरसों लेकर शुक्रवार को बुलाया था और अब उनकी सरसों को नहीं खरीदा जा रहा है। लगभग 200 की संख्या में किसानों ने सरसों से भरी ट्रैक्टर ट्राली सड़क के बीच खड़ी कर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी की। आधा घंटे बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह, एडीसी संगीता तेतरवाल, एसडीएम सतीश कुमार व अन्य प्रशासनिक अधिकारी खरीद प्रक्रिया का जायजा लेने मंडी में पहुंचे। किसानों ने मंडी गेट पर ही अधिकारियों को घेर लिया। किसानों ने कहा कि एजेंसी उनके साथ धोखा कर रही है। जब तक उनकी सरसों नहीं खरीदी जाएगी वह जाम नहीं खोलेंगे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह व अन्य अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि 25 क्विंटल तक सरसों हैफेड द्वारा ही खरीदी जाएगी। इससे अधिक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से करवाई जाएगी। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। लेकिन शाम साढ़े पांच तक दोबारा से सरसों की खरीद शुरू न होने पर किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से खरीद शुरू करवाने की मांग की। शाम लगभग छह बजे दोबारा से खरीद शुरू हुई।
सरसों की खरीद बंद करने पर नई अनाजमंडी में विरोध जताते किसान व जन संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश, रामफल देशवाल व अन्य।
सरसों तुलाई में तेजी लाने व समय पर उठान करने के लिए किया प्रदर्शन
ढिगावा मंडी | 11 अप्रैल के बाद सरसों की तुलाई और उठान नहीं होने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। सरसों की तुलाई में तेजी लाने और समय पर उठान करवाने के लिए शुक्रवार को नकीपुर सरपंच के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। 11 अप्रैल को पहाड़ी व नकीपुर गावों के किसानों की सरसों की सरकारी बिक्री होनी तय हुई थी। इसके लिए लगभग 250 गेट पास के साथ किसानों को सरसों बिक्री के टोकन दिए गए। इनमें लगभग 100 किसानों की सरसों बिक्री हो पाई। तुलाई और उठान के मजदूरों की कमी के कारण तीन दिनों से 100 किसानों की लगभग दो हजार क्विंटल सरसों की खरीद ही हो पाई है, जबकि पहले प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार क्विंटल सरसों की खरीद की जाती थी। सरसों की आवक अधिक होने के कारण 12 व 13 अप्रैल को होने वाली खरीद को रद्द कर दी गई थी।
किसान महेन्द्र ने बताया कि किसानों को हर रोज मंडी में खाना खाने और चाय के नाम पर लगभग चार सौ पांच सौ रुपये अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है। उन्होंने एसडीएम से में तेजी नहीं लाए तो किसानों को मंडी बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रदीप, महेन्द्र, रमेश, धर्मबीर, उमेद सिंह, बलवान व चंद्रप्रकाश आदि उपस्थित थे। हैफेड के खरीद अधिकारी रामकिशन ने बताया कि बुधवार से ढिगावा में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने से मजदूर दोनों जगह बंट गए। लेबर ठेकेदार को कहा है कि लेकिन लेबर की कमी से किसानों को खासी परेशानी आ रही है। शनिवार तक समस्या का समाधान हो जाएगा।