रोडवेज के निजीकरण के विरोध में मंत्रियों के आवास का करेंगे घेराव
बस स्टैंड पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के धरने को संबोधित करते ओमप्रकाश ग्रेवाल।
भास्कर न्यूज | भिवानी
बस स्टैंड परिसर में 24 घंटे के सांकेतिक धरने की समाप्ति पर रोडवेज कर्मचारियों ने शुक्रवार को एक बार फिर परिवहन विभाग की प्राइवेट परमिट पॉलिसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
21 अप्रैल को प्रदेशाध्यक्ष और 3 जून को परिवहन मंत्री को घेरेंगे
सुदर्शन सरोहा, गंगाराम श्योराण व रणसिंह श्योराण ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदेश भर के सभी डिपाे पर 24 घंटे का सांकेतिक धरना दिया हैं, अगर इसके बाद भी सरकार निजीकरण की नीति को वापस नहीं लेती तो 21 अप्रैल को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के आवास का घेराव किया जाएगा। उसके बाद तीन जून को परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करेंगे।रोडवेज कर्मचारियों को डिपो प्रधान राजकुमार दलाल, हरज्ञान घणघस व चेयरमैन ओमप्रकाश ग्रेवाल ने बताया कि परिवहन मंत्री के अनुसार रोडवेज विभाग में प्राइवेट परमिट पॉलिसी को बढ़ावा दिया जा रहा हैं, इसी नीति के तहत प्राइवेट बसों पर सरकारी कंडेक्टर लगाने की रणनीति बनाई जा रही हैं, जिसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चक्का जाम भी करना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर नरेश शर्मा, सत्यवान, जगदीश सांगवान, संदीप, दिलबाग लांबा, सुखबीर, प्रदीप, नरेंद्र, जोगेंद्र शर्मा, ईश्वर, पवन शर्मा, विकास अादि उपस्थित थे।
यूनियन नई पेंशन स्कीम बंद करके पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने, 1992 से 2002 तक भर्ती, सभी कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि से स्थाई कर सभी भत्ते देने, कार्यशाला में कर्मचारियों को तकनीकी स्कूल दिए जाने, चालक व परिचालक को सरकार की हिदायत अनुसार सभी अवकाश दिए जाने, नई तबादला नीति लागू करने, दादरी डिपो में हटाए गए 52 कर्मचारियों को वापिस लिए जाने आदि की मांग की गई।