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उज्ज्वला योजना में विस्तार से पांच हजार लोगों को मिलेंगे गैस कनेक्शन

3 वर्ष पहले
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शत प्रतिशत घरों में एलपीजी कनेक्शन देने के लिए हाल ही में उज्जवला योजना में विस्तार करते हुए भारत में 5 करोड़ गैस उपभोक्ताओं की संख्या के लक्ष्य को बढ़ाकर इस वर्ष 8 करोड़ निर्धारित किया है। पैट्रोलियम मंत्रालय व ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर जिले के कई गावों में उज्ज्वला दिवस मनाने की तैयारी की गई हैं। विस्तार से जिले में लगभग पांच हजार लोगों को गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।

बता दें कि 20 अप्रैल को उज्जवला दिवस मनाने के लिए जिले के सभी गैस वितरकों को संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी दी गई हैं। जिले में लगभग 40 पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में लगभग 100 नए एलपीजी लाभार्थियों को नामांकित करने के लक्ष्य के साथ-साथ 500 महिलाओं कि उपस्थिति दर्ज करने का लक्ष्य भी रखा गया है। पंचायत में सुरक्षा साहित्य, सुरक्षा से संबंधित, स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इस योजना के तहत नई श्रेणी एससी, एसटी, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के पात्र, अंत्योदय, आदिवासी, नदी-वनवासी व मोस्ट बैकवर्ड कास्ट के लोगों को जोड़ा गया है।

भारत पैट्रोलियम से जिला नोडल अधिकारी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि उज्जवल योजना के माध्यम से महिलाओं के रहन-सहन में बदलाव आ रहा है। ऐसी सभाएं उज्जवला लाभार्थियों के लिए आवश्यक हैं ताकि वे लंबे समय तक एक दूसरे से जुड़ें तथा वे अपना अनुभव सांझा कर सकें।

सर्वमान्य वैज्ञानिक खोजों को झुठलाने वाले दिए जा रहे हैं बयान: वेदप्रिय
भिवानी | विज्ञान के लिए मार्च के आयोजनों की कड़ी में हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से विरोध सभा की गई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कुलभूषण आर्य व संचालन महेन्द्र सिंह ने किया। मुख्य वक्ता वेदप्रिय ने बताया कि किस तरह पिछले कुछ वर्षों से देश में विज्ञान विरोधी माहौल बनाया जा रहा है। सरकार के मंत्रियों की ओर से सर्वमान्य वैज्ञानिक खोजों को झुठलाने वाले बयान दिए जा रहे हैं। नव उदारवादी नीतियां स्कूली शिक्षा में भी दिखाई दे रही हैं। शिक्षा से सरकार हाथ खींच रही है तथा निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है। इससे शिक्षा केवल अमीरों के लिए रिजर्व होने का रास्ता साफ होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के ऊपर जीडीपी का 3 प्रतिशत खर्च बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर वजीर सिंह, सज्जन सिंगला, सुखदर्शन, रतन जिंदल, कामरेड ओमप्रकाश, संतोष देशवाल व बिमला घनघस आदि उपस्थित थे।

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