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नींबू-शहद मिला गुनगुना पानी और सुबह-शाम सैर है सौ साल के सूबेदार प्रताप सिंह की सेहत का राज

3 वर्ष पहले
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द्वितीय विश्वयुद्ध, समाज सेवा में भाग लेने व शिक्षा को बढ़ावा देने में अपना अहम योगदान देने वाले गांव मित्ताथल में चन्दगीराम फौगाट के घर 15 अप्रैल 1918 को जन्मे सूबेदार प्रताप सिंह फौगाट ने अपना 100वां जन्मदिन परिवार व गणमान्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सेक्टर 13 में केक काटकर मनाया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में पहले 10वीं पास होने का गौरव भी प्राप्त किया।

उन्होंने 1938 में जाट हैरोज मैमोरियल संस्कृत हाई स्कूल रोहतक से 10वीं परीक्षा पास की। उन्होंने 1938 से 1946 तक सिख नायक होशियार सिंह के नेतृत्व में भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देते हुए द्वितीय विश्वयुद्ध में भी अपना योगदान दिया। 1946-47 तक गांव के कन्या स्कूल में अध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दी। उसके बाद 1947 से 74 तक डीएससी में कार्य किया। उसके बाद उन्होंने गांव में पोस्ट मैन, पंचायत सदस्य, गौरक्षा संस्था, गांव समाज सुधारक के रूप में भी उन्होंने अपना अहम योगदान दिया है। सूबेदार प्रताप सिंह फौगाट के बेटे कुलदीप फौगाट ने बताया कि उन्हें देश सेवा की प्रेरणा अपने पिता से मिली है। पहले उसके पिता ने देश की सेवा की तथा उसके बाद उन्होंने तथा अब उनका बेटा भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। कुलदीप फौगाट ने बताया कि उनके पिता सूबेदार प्रताप सिंह फौगाट ने शिक्षा के क्षेत्र में गांव को आगे ले जाने के लिए अपना अहम योगदान दिया है। उन्हाेंने बताया कि वे गांव की जरूरतमंद लड़कियों की शादी में कन्यादान के रूप में आर्थिक मदद व अन्य समाजसेवा के काम अाज भी कर रहे हैं। इस अवसर पर कर्नल मंगल सिंह, कर्नल महाबीर सिंह, कर्नल महेंद्र सिंह, डाॅ. तुलसी, सागरमल, ठाकुर लाल सिंह, कैप्टन रामचंद्र, कैप्टन भीम सिंह,पूर्व सरपंच छोटूराम, महेंद्र सिंह, रामकिशन, एडवोकेट एमएम भुरटाना, कैप्टन राजेंद्र सिंह परमार अादि माैजूद थे।

गर्मी हो या सर्दी सुबह साढ़े चार बजे उठ जाते हैं सूबेदार

सूबेदार प्रताप सिंह फौगाट चाहे गर्मी हो या सर्दी सुबह साढ़े चार बजे उठ जाते हैं। उठते ही वे दो गिलास गुनगुने पानी में नींबू व शहद मिलाकर पीते हैं। सुबह 6 बजे पार्क में सैर के लिए रवाना होते हैं जहां वे हाउसिंग बोर्ड पार्क नंबर 20 में चार चक्कर लगाते हैं जो लगभग 1 किलोमीटर बनता है। ठीक इसी तरह वे शाम पांच बजे फिर से पार्क में एक किलोमीटर सैर करने आते हैं। उनके पुत्र कुलदीप सिंह आर्य ने बताया कि अब से एक साल पहले तक वे चार किलोमीटर तक सैर करते थे लेकिन अब उम्र बढ़ने के कारण वे केवल पार्क में ही भ्रमण करते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य को लेकर उनके पिता हमेशा सजग रहे हैं। वे सुबह शाम दूध का सेवन और मौसमी फलों का प्रयोग करते हैं। सुबह साढ़े आठ बजे तीन रोटी, मूंग दाल के साथ सलाद और दही या लस्सी का सेवन करते हैं वहीं रात्रि भोजन में तीन रोटी, सब्जी के साथ गुड़ व एक गिलास दूध लेते हैं। सूबेदार प्रताप सिंह शुद्ध शाकाहारी हैं। बता दें कि 100 वर्ष उम्र होने पर भी सूबेदार प्रताप सिंह फौगाट ब्लड प्रेशर या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित नहीं हैं।

सेक्टर 13 के वरिष्ठ नागरिक कल्ब में अपने परिवार व साथियों संग केक काटते सूबेदार प्रताप सिंह फौगाट।

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