बवानीखेड़ा में खरीद केंद्र बनाने को दो दिन का अल्टीमेटम
अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर बवानीखेड़ा क्षेत्र के किसानों ने बवानीखेड़ा मंडी में सरसों खरीद केंद्र खुलवाने के लिए लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। धरने प्रदर्शन का नेतृत्व खंड प्रधान सुनीता कुंगड़ ने की। धरने में किसानों ने हिस्सा लेकर नारेबाजी कर बवानीखेड़ा में सरसों खरीद केंद्र खोले जाने की मांग की।
31 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मास्टर शेर सिंह व जगदीश के नेतृत्व में अधिकारियाें से मिलकर अपनी मांगों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि सरसों की खरीद फरोक्त में अधिकारी भारी घपले बाजी कर रहे हैं। किसान अपनी फसलों को बचने के लिए लम्बी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, जब उनका नंबर आता है तब तक वहीं पर अंधेरा हो जाता है। मंडी में अनाज बेचने के लिए दूर दराज से किसान आते हैं। उन्होंने बवानीखेड़ा में सरसों खरीद केंद्र खोलने की बात कही वहीं बताया कि यदि 18 अप्रैल तक सरसों खरीद केंद्र नहीं खोला गया तो वे 19 अप्रैल को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर देंगे। इस अवसर पर प्रेम शर्मा, दयानंद शर्मा, राजेंद्र, राज सिंह, भान सिंह, दलबीर सिंह, राकेश, वेद प्रकाश गोयत, राजेश, कृष्ण कुमार, मंगल सिंह, अंकित कुमार व मंजीत जांगड़ा सहित अनेक किसान उपस्थित थे।
मंडी में किसान अपनी आईडी किसी व्यापारी को ना दें: एसडीएम
लोहारू | जो किसान मंडी में अपनी सरसों की फसल बेचना चाहते हैं वो किसान अपनी आईडी और जमीन की जमाबंदी की नकल किसी व्यापारी को ना दें। जो किसान अपनी आईडी सरसों की सरकारी खरीद में बिक्री के लिए किसी व्यापारी को देगा वो गैर-कानूनी है। यह बात एसडीएम सुरेश कुमार ने कही। उन्हाेंने किसानाें को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए अनाज मंडी में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इसके बाद भी किसानों को किसी प्रकार की दिक्क्त आती है तो वे अपनी बात संबधित अधिकारी तक पहुंचाएं ताकि किसानों की समस्या का उचित समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि किसान सरकारी खरीद में अपनी आईडी और जमीन की जमाबंदी का स्वयं प्रयोग करें ओर किसी व्यापारी आदि को प्रयोग करने के लिए ना दें।
बवानीखेड़ा में गेहूं की खरीद शुरु न होने के विरोध में लघु सचिवालय परिसर के बाहर धरने के दौरान नारेबाजी करते अखिल भारतीय किसान सभा के मास्टर शेरसिंह, ओमप्रकाश सैनी, जयप्रकाश परमार व अन्य।
भाकियू व किसानों ने बाजार व अनाज मंडी में लगाए सरकार विरोधी नारे
ढिगावा मंडी | ढिगावा मंडी में सरसों की खरीद प्रक्रिया तेज नहीं होने के कारण भाकियू नेताओं ने किसानों के साथ मिलकर ढिगावा के बाजार व अनाज मंडी में सरकार विरोधी नारे लगाए और मंगलवार तक लेबर की व्यवस्था नहीं होने पर मंडी परिसर में धरना शुरू करने की बात कही है।
जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने बताया कि ढिगावा मंडी में ना तो तुलाई के लिए लेबर है और ना ही सरसों का उठान हो रहा है। सरसों की झार स्वयं किसान लगा रहा है और नियमानुसार किसानों को झार लगाने के साढे पांच रुपये प्रति बैग भी हैफेड को अदा करने पड़ रहे हैं। 14 अप्रैल से कुड़ल गांव के किसानों की सरसों की बिक्री शुरू की थी जिसमें सोमवार को तीसरे दिन तक केवल पांच सौ क्विंटल सरसों की तुलाई हो पाई है। पिछले तीन दिन से पहले पचास नंबर पर आने वाले किसानों को भी सरसों की तुलाई का इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को तुलाई के लिए लेबर और सरसों के आठ हजार बैगों का उठान नहीं हुआ ताे मंडी के दोनों गेटों काे बंद कर दिया जाएगा। इस अवसर पर आजाद सिंह भुंगला, दयानन्द नेहरा, मंदरूप, सुरेन्द्र, होशियार सिंह, मांगेराम, विजय कुमार, अजय शर्मा, उमेद सिंह, सुरेश, राजकुमार, सुभाष, बजरंग, जयसिंह अादि उपस्थित थे।
सरसों की नहीं हो रही तुलाई
खरीद अधिकारी रामकिशन ने बताया कि मंडी में सरसों का उठान नहीं होने के और लेबर के कारण हर रोज किसानों से झगड़ा हो रहा है। लेकिन ना तो उठान हो रहा है और ना ही लेबर है। प्रतिदिन लगभग दो से तीन हजार बैग की तुलाई हाेती थी लेकिन अब लेबर नहीं होने के कारण पिछले एक सप्ताह से पांच से सात सौ क्विंटल की तुलाई ही हो पा रही है। कवर फड पर लगभग आठ हजार बैग पड़े हैं और दोनों गावों की लगभग 10 हजार क्विंटल सरसों की तुलाई बाकी है। इसे तोलने के लिए अगर सात जगहों पर तोल चलता रहे तो भी सात से आठ दिन का समय लगेगा।