प्रदेश सरकार की अाेर से बेरोजगार युवक-युवतियों को कार्य मुहैया करवाने के लिए शुरू की गई सक्षम योजना के तहत जिले में रोजगार विभाग की अाेर से अब तक 12 हजार 616 सक्षम युवक-युवतियों को विभिन्न विभागों में काम दिलवाया गया है। रोजगार विभाग ने जिले में सक्षम को अब तक पांच करोड़ तीन लाख रुपए भत्ते के रूप में और तीन करोड़ 36 लाख रुपए रुपए दिया मानदेय के रूप में दिए जा चुके हैं।
विभाग के पास चार हजार 794 योग्य सक्षम स्वीकृत हैं, जिन्हें डिमांड के अनुरूप काम दिया सकता है। विभाग की अाेर से वर्ष 2016-17 में रोजगार मेले कर 528 बेरोजगारों को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मुहैया करवाया गया, जबकि विभाग का जिले में लक्ष्य 500 रखा गया था। सरकार ने बेरोजगार युवक-युवतियों को कार्य मुहैया करवाने के लिए नवंबर 2016 में समक्ष योजना शुरू की थी। योजना पर काम करते हुए रोजगार कार्यालय द्वारा सक्षम योजना में युवक-युवतियों का योग्यता के अनुरूप पंजीकरण किया गया।
पंजीकरण और विभिन्न विभागों में डिमांड के आधार पर जिले में रोजगार विभाग द्वारा अब तक 12 हजार 616 बेरोजगारों को विभिन्न कार्यालयों में 100 दिन का कार्य मुहैया करवाया गया। योजना में कम से कम 100 दिन का और अधिकतम 300 दिन का रोजगार मुहैया करवाया जाता है। इनमें कुछ सक्षम ऐसे भी हैं, जिन्हें एक से अधिक बार भी काम मिला है। इनके अतिरिक्त एक हजार 70 ऐसे सक्षम भी रहे हैं, जिन्होंने सक्षम योजना के तहत काम तो मिला है, लेकिन काम में रूचि न दिखाकर बीच में छोड़ दिया या नियमित रूप से काम पर नहीं आए उन्हें विभाग ने किसी प्रकार का भत्ता या मानदेय नहीं दिया। जिले में 1405 सक्षम विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं।
दूरस्थ शिक्षा वाले नहीं ले सकते लाभ
जिला रोजगार अधिकारी मंजू मान ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से बेरोजगारों को रोजगार मेलों व सक्षम योजना के माध्यम से रोजगार मुहैया करवाया जाएं। विभाग के नए निर्देशानुसार केवल नियमित रूप से पढ़ाई करने वालों को ही सक्षम योजना के तहत काम मिलेगा। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई करने वालों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। योजना का लाभ 21 से 35 साल की आयु तक ही लिया जा सकता है।