उमरावत में पेयजल संकट से परेशान लोगों ने की नारेबाजी
एक महीने से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे गांव उमरावत निवासियों ने जलघर पर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी आए 1 माह हो चुका है जबकि जलघर पानी से लबालब है।
ग्रामीण मनोज कुमार, वेद प्रकाश, विनोद कुमार, रामदास, ओमप्रकाश ने बताया कि जलघर में पानी होने के बाद भी कीमैन पानी नहीं छोड़ रहा है। जब वे उनसे पानी न छोड़ने का कारण पूछते हैं तो वे बिजली न आने का बहाना बना देता है और अपना पल्ला झाड़ लेता है। उसके इस व्यवहार से ग्रामीण बेहद ही परेशान हैं। गांव में सप्लाई सुचारू रूप से न आने के कारण टैंकर वाले खूब चांदी कूट रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि गांव में करीबन 10 से 15 हजार रुपए का पानी प्रतिदिन आता है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी तथा पशुओं की प्यास बुझाने के लिए टैंकरों का ही सहारा लेना पड़ता है। अधिकतर ग्रामीण तो दूर दराज से पानी लाते हैं। उन्होंने बताया कि जलघर के कर्मचारियों की मिलीभगत से जलघर में पशु बांधे जाते हैं। इससे पानी भी दूषित होने का अनदेशा बना रहता है। जब ग्रामीण जलघर में तैनात कर्मचारी को ऐसा करने से मना करते हैं तो वे उन्हें ही बूरा भला कहने लग जाता है। ग्रामीणों ने उक्त कर्मचारी की शिकायत सीएम विंडो व जन स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को भी भेज दी है। इस अवसर पर सज्जन कुमार, पुष्कर, विरेंद्र, विनोद, रामौतार आदि उपस्थित थे।
उमरावत में पेयजल समस्या को लेकर विरोध जताते ग्रामीण।