दसवीं में जिले में फिर बेटियों ने बाजी मारी। बेटियों ने बेटों से 5.67 अधिक प्रतिशत सफलता प्राप्त की। दसवीं का परीक्षा परिणाम साेमवार दाेपहर बाद पाैने तीन बजे बाेर्ड की वेबसाइट पर अपलाेड किया गया। इस बार 22 हजार 30 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 11548 परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। जिले का परिणाम 53.88 प्रतिशत रहा। इनमें 11566 लड़के हैं जिनमें से 5921 ने व 10404 लड़कियों में से 5788 बच्चों ने सफलता दर्ज की। लड़कियों की पास प्रतिशतता 55.58 दर्ज की गई। इस प्रकार 2013 से लड़कियां ही बाजी मारती आई है। यही स्थिति प्राइवेट स्कूलों की है। 2013 के बाद एक बार भी सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों के बराबर भी नहीं फटके। इस बार जहां प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 58 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया वहीं सरकारी स्कूलों का परिणाम 49 प्रतिशत के आसपास है। 2013 में जहां राजकीय स्कूलों का परिणाम 48.20 प्रतिशत था वहीं प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 54 प्रतिशत से अधिक रहा था। यही स्थिति आज तक चलती आ रही है।
एक-दूसरे को दी बधाई
सफल रहे छात्रों व अभिभावकों ने एक दूसरे को बधाई दी तथा मिठाई खिलाई। सबसे अधिक प्रसन्नता तो मेरिट में आए विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के चेहरों पर दिखाई दी।
दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम बेहतर अच्छा आने पर खुशी मनातीं छात्राएं।
ये रहा वर्ष दर वर्ष परीक्षा परिणाम
वर्ष परिणाम लड़के लड़कियां राजकीय प्राइवेट
2013 51.20 49.48 54.06 48.20 54.25
2014 60.84 55.70 64.72 53.35 66.88
2015 47.80 43.99 50.66 43.80 51.90
2016 46.48 42.85 49.65 43.05 50.80
2017 54.07 52.23 56.08 50.65 58.15
2018 53.88 51.19 55.58 49.02 58.85
अंग्रेजी व विज्ञान में पिछड़े
जिले में सबसे अधिक परीक्षार्थी अंग्रेजी, विज्ञान व गणित में फेल रहे। जिले में आठ हजार ऐसे परीक्षार्थी थे जो दो या उससे अधिक विषयों में फेल हुए हैं। अंग्रेजी विषय की पास प्रतिशतता जहां 62 प्रतिशत रही वहीं विज्ञान की पास प्रतिशतता 60 प्रतिशत के लगभग रही। सामाजिक विज्ञान में पास प्रतिशतता 61 प्रतिशत के आस पास रही।
श्वेता बनना चाहती है वकील
मुंढाल | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के जारी 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में बड़सी के आदर्श हाई स्कूल की श्वेता ने जिले में टॉप किया है। श्वेता ने 500 में से 488 अंक प्राप्त किए हैं। श्वेता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि उसके पिता सत्यवीर ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं जबकि मां कैलाश देवी ग्रहिणी हैं। श्वेता ने बताया कि उनका सपना वकील बनकर सच्चाई के साथ गरीबों को इंसाफ दिलवाना है।
488
500